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जिला अस्पताल में शिशु वार्ड फुल, एक पलंग पर तीन-तीन बच्चों को कर रहे भर्ती

कोरोना की तीसरी लहर की संभावना के बीच वायरल, डेंगू ने पसारे पैर, अब तक डेंगू के 30 से ज्यादा मरीज आ चुके इलाज के लिए

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Infant ward full in district hospital, three children admitted on one

Infant ward full in district hospital, three children admitted on one

खंडवा. कोरोना की तीसरी लहर की संभावनाओं के बीच शहर में मौसमी बीमारी ने पैर पसार लिए हैं। जिला अस्पताल में एक हजार से ज्यादा मरीज रोज पहुंच रहे है। जिसमें से 80 प्रतिशत मरीज तो सर्दी, खांसी, बुखार के है। वायरल इंफेक्शन का शिकार सबसे ज्यादा बच्चे हो रहे है। रोजाना डेढ़ सौ से ज्यादा ओपीडी शिशु रोग विभाग में हो रही है। इसमें से 15 बच्चों को रोजाना भर्ती किया जा रहा है। शिशु वार्ड की स्थिति ये है कि पूरा वार्ड भरा हुआ है। पीआइसीयू में तो एक पलंग पर तीन-तीन बच्चों को भर्ती किया जा रहा है।
केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय आने वाले दिनों में कोरोना की तीसरी लहर की संभावना जता रहा है। इस बीच शहर में वायरल इंफेक्शन का प्रकोप लगातार बढ़ता जा रहा है। वायरल इंफेक्शन के चलते बड़ी संख्या में लोग सर्दी, खांसी, बुखार के चलते अस्पताल का रुख कर रहे है। जिला अस्पताल में ही रोज 1300 से ज्यादा ओपीडी दर्ज की जा रही है। इसमें से 800 से अधिक लोग सर्दी, खांसी, बुखार के इलाज के लिए आ रहे है। मेडिकल कॉलेज एमडी मेडिसिन विभाग एचओडी डॉ. हिमांशु माथुर ने बताया कि इन दिनों ओपीडी में आने वाले मरीजों में सबसे ज्यादा वायरल इंफेक्शन के मरीज है। जिनका सर्दी, खांसी और बुखार की शिकायत के चलते इलाज किया जा रहा है। गंभीर मरीजों को भर्ती भी किया जा रहा है।

डेंगू का सर्वे, कोरोना की जांच भी शुरू
जिला मलेरिया अधिकारी के स्थानांतरण के बाद विभाग का प्रभार जिला महामारी विशेषज्ञ डॉ. योगेश शर्मा को सौंपा गया है। वायरल इंफेक्शन के लक्षण कोरोना से मिलते जुलते होने ेके कारण विभाग कोरोना को लेकर अतिरिक्त सावधानी बरत रहा है। डॉ. योगेश शर्मा ने बताया कि शहर सहित ग्रामीण क्षेत्रों में डेंगू का सर्वे कराया जा रहा है। वहीं, जिला अस्पताल के शिशु वार्ड में भर्ती 30 बच्चों का आरटी पीसीआर टेस्ट किया गया है। जिसमें कोई भी पॉजीटिव नहीं पाया गया। वायरल से ग्रसित भर्ती मरीजों के भी कोरोना टेस्ट करना शुरू करा दिए है।