खंडवा

निमाड़ के इकलौते मंदिर में मनाया खंडेराव भगवान का जन्मोत्सव

चार साल पहले खंडवा में मंदिर की हुई स्थापनापंडित पंकज शर्मा ने बताया खंडवा में मंदिर की स्थापना चार वर्ष पूर्व वर्ष 2015 में हुई थी। समाजजनों ने महाराष्ट्र के जेजुरी स्थित मुख्य मंदिर में से जलती ज्योति लाए थे। तभी से ही यहां पर समाजजन कार्यक्रम करवाते आ रहे है। यह निमाड़ में एकमात्र मंदिर है।

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Dec 03, 2019
खंडवा. पदम कुंड रोड आव्हाड़ बाड़ा स्थित जय मल्हार मार्तण्ड मंदिर में सोमवार को भगवान खंडेराव का जन्मोत्सव मनाया। सुबह से ही हवन पूजन के साथ कई धार्मिक अनुष्ठान किए गए। शाम को भगवान की आरती व हल्दी से होली खेलने का आयोजन हुआ। भगवान को बाजरें की रोटी और बैंगन के भरते का भोग लगाया। भक्तों ने होली का आनंद लिया। इसके बाद भंडारा शुरू हुआ। भंडारे में भी बाजरे की रोटी और बैंगन के भरते की प्रसादी का वितरण हुआ। सैकड़ों लोगों ने प्रसादी ग्रहण की। रात में महाराष्ट्र की भजन मंडली ने प्रस्तुति दी। खंडेराव को

निमाड़ के इकलौते मंदिर में मनाया खंडेराव भगवान का जन्मोत्सव

खंडवा. पदम कुंड रोड आव्हाड़ बाड़ा स्थित जय मल्हार मार्तण्ड मंदिर में सोमवार को भगवान खंडेराव का जन्मोत्सव मनाया। सुबह से ही हवन पूजन के साथ कई धार्मिक अनुष्ठान किए गए। शाम को भगवान की आरती व हल्दी से होली खेलने का आयोजन हुआ। भगवान को बाजरें की रोटी और बैंगन के भरते का भोग लगाया। भक्तों ने होली का आनंद लिया। इसके बाद भंडारा शुरू हुआ। भंडारे में भी बाजरे की रोटी और बैंगन के भरते की प्रसादी का वितरण हुआ। सैकड़ों लोगों ने प्रसादी ग्रहण की। रात में महाराष्ट्र की भजन मंडली ने प्रस्तुति दी। खंडेराव को भगवान शिव का अवतार माना जाता है। मान्यता है कि पृथ्वी पर मल्ल और मणि राक्षस के अत्याचार बढऩे के बाद उन्हें खत्म करने भगवान शिव ने मार्तंड भैरव का अवतार लिया था।
पंडित पंकज शर्मा ने बताया खंडवा में मंदिर की स्थापना चार वर्ष पूर्व वर्ष 2015 में हुई थी। समाजजनों ने महाराष्ट्र के जेजुरी स्थित मुख्य मंदिर में से जलती ज्योति लाए थे। तभी से ही यहां पर समाजजन कार्यक्रम करवाते आ रहे है। यह निमाड़ में एकमात्र मंदिर है।

Riyaz sagar IMAGE CREDIT: Riyaz sagar
Published on:
03 Dec 2019 07:20 pm
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