4 फ़रवरी 2026,

बुधवार

Patrika Logo
Switch to English
home_icon

मेरी खबर

video_icon

शॉर्ट्स

epaper_icon

ई-पेपर

इस शहर में बनेगा मप्र का सबसे सुंदर मंदिर

स्ट्रक्चर को तोड़े बगैर बंसीपारपुड़ के लाल पत्थर व बिजौलिया पत्थर से करेंगे निर्माण। आरसीसी पर लोड नहीं आने देंगे। ये मप्र का सबसे सुंदर मंदिर होगा।

3 min read
Google source verification

खंडवा

image

Amit Jaiswal

Dec 02, 2017

Design of Temple

Design of Temple

खंडवा. दादाजी मंदिर को लेकर चल रहे विवाद का पटाक्षेप श्री धूनीवाला आश्रम पब्लिक ट्रस्ट ने शुक्रवार को अवधूत संत केशवानंद महाराज (बड़े दादाजी) के बरसी उत्सव पर मंदिर निर्माण के लिए मंगल आरंभ कर किया। अहमदाबाद से आए आर्किटेक्ट ने बताया कि वर्तमान स्ट्रक्चर को तोड़े बगैर बंसीपारपुड़ के लाल पत्थर व बिजौलिया पत्थर से निर्माण होगा। ये पत्थर राजस्थान से आएगा। तीन साल की अवधि में करीब २५ करोड़ रुपए की लागत से निर्माण पूरा करेंगे।

महामंडलेश्वर स्वामी विवेकानंदपुरी सहित चार वेद के ज्ञाताओं नागपुर के ऋगवेद के ज्ञाता कृष्णा गोविंद आर्विकर शास्त्री, काशी के यजुर्वेद के ईश्वर घनपाठी, परभणी महाराष्ट्र के सामवेद के पलसकर गुरुजी व औरंगाबाद के अथर्ववेद के विशाल कुलकर्णी के साथ ऋगवेद के ज्ञाता देवेश्वर कृष्णा शास्त्री के साथ ही ट्रस्टी सुभाष नागोरी, लख्मीचंद अग्रवाल, प्रकाश बाहेती, एनके श्रीमाली, ओंकारेश्वर से आए मंगलदास महाराज, नंदकिशोर श्रीमाली की मौजूदगी में श्रीराम महाराज, आर्किटेक्ट वीरेंद्र त्रिवेदी व ट्रस्टी भगवानप्रसाद गुप्ता द्वारा शाम ५.४५ बजे मंगल आरंभ किया गया। दिल्ली का अक्षरधाम मंदिर बनाने वाले आर्किटेक्ट त्रिवेदी ने कहा कि आरसीसी पर लोड नहीं आने देंगे। ये मप्र का सबसे सुंदर मंदिर होगा।

एेसा होगा दादाजी धाम का परिदृश्य
-गुरुपूर्णिमा या उसके बाद से काम शुरू करने का दावा, सबसे पहले बड़े दादाजी के मंदिर पर होगा काम।
-155 फीट लंबाई व 130 फीट चौड़ाई होने पर अब तक खुला परिक्रमा मार्ग पूरी तरह से कवर हो जाएगा।
-अमूल्य दर्शन गृह स्थानांतरित किया जाएगा, दर्शन के लिए वर्तमान की तरह ही गेट-1 व गेट-2 रहेंगे।

यहां बनेगा वेद विद्यालय
महामंडलेश्वर स्वामी विवेकानंदपुरी ने कहा कि दादाजी धाम में वेद विद्यालय होगा। गुरुपूर्णिमा के बाद से नए सत्र में 25 विद्यार्थी इसमें पढ़ाई कर सकेंगे। योग , साहित्य, कम्प्यूटर व अंग्रेजी की शिक्षा देंगे। मैंने अपने ओंकारेश्वर के दत्तात्रय सन्यास आश्रम की वसीयत कृष्णा गोविंद आर्विकर शास्त्री को वेद विद्यालय के लिए लिख दी है। मुझे न अपना अखाड़ा चलाना है न समाधि बनाना है। मैं ओंकारेश्वर में कुटिया में रह लूंगा।

अक्षरधाम में तीन तरह के पत्थर
परिक्रमा मार्ग पर- लाल पत्थर
बाहरी दीवारें- पिंक पत्थर
अंदरूनी दीवारें- इटालिका मार्बल

बरसी पर दिनभर हुए आयोजन
बड़े दादाजी की बरसी पर श्रद्धालुओं ने चादर भेंट कर नैवेद्य लगाया। रंगोली बनाई गई। मप्र सहित महाराष्ट्र के पार्ढूंना, नागपुर, बैतूल सहित अन्य स्थानों से दादाजी भक्त आए। दादाजी की 87वीं बरसी पर समाधि स्नान सहित दिनभर आयोजन हुए। बरसी के विशेष पर्व पर रात 8.30 बजे 108 दीपों से महाआरती हुई। विटेंज कार व बग्घी भी बाहर निकाली गई।

कोई वारिस नहीं, उनकी बातें निर्मूल
आज जो अवसर मिला है, एेसा न मिला है, न मिलेगा। वर्तमान मंदिर व सेवाएं यथावत रखते हुए निर्माण करेंगे। परमात्मा की कृपा से पत्थर का मंदिर बनाएंगे। व्यवधान पहुंचाने वाले को भगवान सद्बुद्धि दे। किसी को पुजाने का अधिकार नहीं। कोई वारिस नहीं, जो कहते हैं कि मैं मंदिर बनाऊंगा, उनकी बातें निर्मूल हैं।
सुभाष नागोरी, ट्रस्टी

किसी व्यक्ति, संस्था का मंदिर नहीं
इतनी बुद्धि के लिए तो मेरे गुरु ने भी यज्ञ नहीं किया होगा, जितना बीते दिनों खंडवा में हुआ। मैं स्पष्ट करना चाहता हूं कि जब ट्रस्ट में गलत हुआ तो मैंने इस्तीफा तक दिया लेकिन इन्होंने ट्रस्ट फंड में पैसा जमा किया, मेरा सम्मान रखा। मां कनकेश्वरी का भी यहां सहयोग रहेगा। हम तो दंडवत होने आ जाएं, हमारा इतना ही अनुनय है।
महामंडलेश्वर स्वामी विवेकानंदपुरी, ट्रस्टी


25 करोड़ रुपए करीब निर्माण लागत
03 साल में निर्माण पूरा करने का दावा
125 फीट ऊंचा होगा बड़े दादाजी का मंदिर
105 फीट ऊंचा बनाएंगे छोटे दादाजी का मंदिर
105 फीट ऊंचा गंगाजलि मंदिर का निर्माण भी
155 फीट लंबाई और 130 फीट चौड़ाई होगी मंदिर की
60 लाख रुपए दान की घोषणा लोगों ने भूमिपूजन के समय की
50 साल का हो गया है दादाजी का वर्तमान मंदिर
25 हजार लोगों ने दिनभर में दादाजी मंदिर में किए दर्शन-पूजन
108 दीपों से हुई दादाजी धाम में बरसी उत्सव की बड़ी आरती

Story Loader