खंडवा। पवित्र पावनी मां नर्मदा से निकलने वाले हर कंकर को शंकर माना जाता है। देश के हर कोने में मां नर्मदा से निकले प्राकृतिक शिवलिंग स्थापित हैं। अब अयोध्या के श्रीराम दरबार में नर्मदेश्वर महादेव विराजेंगे। इसके लिए ओंकारेश्वर स्थित नजर निहाल आश्रम में चार फीट के शिवलिंग का निर्माण किया गया है। यात्रा के साथ महादेव अयोध्या पहुंचेंगे।
महादेव को भगवान श्रीराम अपना आराध्य मानते हैं। रावण से युद्ध के लिए लंका पर चढ़ाई करने से पहले समुद्र तट पर श्रीराम ने रेत से शिवलिंग बनाकर महादेव से आशीर्वाद लिया था। यही कारण है कि अयोध्या में बन रहे मंदिर में शिवलिंग की स्थापना की जा रही है। शिवलिंग के लिए जब यूपी सरकार ने नजर दौड़ाई तो सिर्फ एक नाम ओंकारेश्वर में मां नर्मदा के प्राकृतिक शिवलिंग का सामने आया।
इसके लिए श्रीराम मंदिर निर्माण समिति के सचिव चंपत राय ने 17 जून को एक पत्र ओंकारेश्वर स्थित नजर निहाल आश्रम के संत नर्मदानंद महाराज बापजी सरकार को लिखा। इसके बाद शिवलिंग का निर्माण किया गया। 17 जून को श्रीराम मंदिर निर्माण समिति के सचिव चंपत राय ने संत नर्मदानंद महाराज को लिखा था पत्र। इसके बाद नर्मदा से विशाल शिला निकालकर उसे तराशकर शिवलिंग का रूप दिया गया।
नजर निहाल आश्रम से निकलेगी यात्रा
श्रीराम जन्मभूमि में स्थापित होने वाले शिवलिंग की बकायदा यात्रा निकाली जाएगी। 18 अगस्त को श्री नजर निहाल आश्रम से यात्रा के शुभारंभ पर राज्यपाल मंगुभाई पटेल उपस्थित रहेंगे। यात्रा की तैयारियों को लेकर भाजपा जिला संयोजक इकबाल सिंह गांधी ने भी पिछले दिनों संत बापजी सरकार से चर्चा की थी।
शिव सौंपेंगे योगी को महादेव
18 अगस्त से आरंभ होने वाली शिवलिंग यात्रा 23 अगस्त को अयोध्या पहुंचेगी। यात्रा का पूरा प्रोटोकॉल रहेगा। अयोध्या में श्रीराम जन्मभूमि मंदिर में यात्रा के समापन पर मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान अपने हाथों से नर्मदेश्वर महादेव शिवलिंग को उत्तरप्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को सौंपेंगे।