सर्वे : शहरी क्षेत्र में एक हजार से ज्यादा भूमिहीनों को जमीन पर मालिका हक
खंडवा . मप्र शासन शहरी क्षेत्र में भूमिहीनों को शासकीय भूमि पर आवासीय पट्टा देगी। शहर के 50 वार्डों में पट्टाधृति अधिकार योजना के तहत सर्वे का कार्य चल रहा है। सर्वे में अब तक एक हजार से ज्यादा भूमिहीन परिवारों के मकान मिले हैं। करीब दस लाख वर्ग फीट भूमि पर कब्जा मिला है। बाजार में इसकी औसत कीमत 100 करोड़ रुपए है। कब्जाधारियों ने सर्वे दल को शपथ पत्र देकर कहा है कि वह भूमिहीन हैं। उनके पास किसी भी शहर या गांव में एक इंच भूमि नहीं है। इस भूमि पर लंबे समय काबिज हैं। राजस्व और नगर निगम की संयुक्त टीम शासकीय भूमि पर काबिज भूमिहीन परिवारों को शासन पट्टाधृति अधिकार के तहत प्रत्येक भूमिहीन को 45 वर्ग मीटर भूमि का पट्टा देगी। अब तक 771 कब्जाधारियों की रिपोर्ट ऑनलाइन दर्ज हो चुकी है। शेष दर्ज करने और वार्ड में सर्वे की प्रक्रिया चल रही है। अधिकारियों ने बताया कि कुछ मोहल्ले छूट गए हैं। कार्य अंतिम चरण में है।
एक हजार से अधिक भूमिहीनों के आवेदन आ गए हैं। नियमों के तहत दस्तावेजों का परीक्षण चल रही है।
ऐसे समझें वर्ग मीटर से वर्गफीट का आंकड़ा
एक वर्ग मीटर में 10.76391042 वर्गफीट भूमि होती है। कब्जाधारियों के पास करीब 80 हजार वर्ग फीट भूमि चिह्नित की गई है। इस औसत से चिह्नित की गई भूमि आठ लाख वर्ग फीट से ज्यादा होती है। सर्वे का कार्य अभी चली रहा है। अनुमान है कि एक लाख वर्ग मीटर से अधिक भूमिहीन परिवार रहते हैं। कई ऐसे भी हैं जिनके पास किसी तरह का दस्तावेज नहीं है। इसमें नजूल समेत अन्य शासकीय अधिग्रहीत भूमि पर कब्जा मिला है।
धारणा अधिकार के तहत करना होगा आवेदन
शासन शहरी क्षेत्र में भूमिहीन परिवारों को अधिनियम 1984, धारा-3 एवं धारा -4 में संशोधित आदेश 31 दिसंबर-14 की जगह 31 दिसंबर-20 किया गया है। राज्य शासन नगरीय निकायों की भूमि पर कब्जा रखते हैं। ऐसे कब्जाधारी को पट्टाधृति अधिकार की पात्रता होगी। इसमें सर्वे पूर्ण होने पर 45 वर्ग मीटर का पट्टा मिलेगा। यदि इससे अधिक भूमि पर काबिज हैं तो ऐसे कब्जाधारी को धारणा अधिकार के तहत प्रक्रिया करनी होगी।
इन वार्डों में अंतिम चरण में सर्वे की प्रक्रिया
सूरजकुंड, नीलकंठेश्वर, लोकनायक जयप्रकाश, संत विनोवा भाव, साईराम नगर, श्रीदादा धुनी वाले, संजय नगर, स्वामी विवेकानंद, संतोषी माता, वीर रानी दुर्गावती, जवाहरगंज समेत पचास वार्ड में सर्वे की प्रक्रिया अंतिम चरण में है। अधिकतर वार्ड में चिह्नित कर लिए गए हैं।
ऐसे समझें 100 करोड़
शासन ने 45 वर्ग मीटर भूमि पट्टा देगी। शहरी क्षेत्र में 1500 से लेकर पांच हजार रुपए वर्गफीट भूमि की कीमत है। यदि औसत न्यूनतम 1500 रुपए प्रति वर्ग फीट लिया जाए तो प्रति भूमिहीन परिवार को लगभग सात लाख रुपए कीमत की भूमि होगी।
सर्वे की प्रक्रिया अंतिम चरण में है। चिह्नित भूमि हीन परिवारों के दस्तावेज का परीक्षण किया जा रहा है। अब तक 700 से अधिक की जानकारी ऑनलाइन दर्ज कर ली गई है। शेष की प्रक्रिया प्रचलन में है। नियमानुसार जल्द ही पट्टा योग प्रकरण तैयार किए जाने की प्रकिया पूरी हो जाएगी।
अरविंद सिंह चौहान, एसडीएम