2764 प्रीलिटिगेशन प्रकरणों का हुआ निराकरण
खंडवा. राष्ट्रीय लोक अदालत में शनिवार को 442 प्रकरणों में राजीनामा हुआ। इसी तरह 2764 प्रीलिटिगेशन प्रकरणों का निराकरण किया गया है। मप्र राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण के निर्देश पर प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश ममता जैन के मार्गदर्शन में व जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के सचिव सूरज सिंह राठौड़ के निर्देशन में राष्ट्रीय लोक अदालत का आयोजन हुआ। जिसमें जिला विधिक सहायता अधिकारी अनुपमा मुजाल्दे का समन्वय रहा। मता जैन प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश के कर कमलो से दीप प्रज्जवल कर नेशनल लोक अदालत का शुभांरभ किया गया। साल की पहली नेशनल लोक अदालत का आयोजन खंडवा मुख्यालय व तहसील न्यायालय हरसूद, पुनासा, न्यायालय ओंकारेश्वर में किया गया। जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के प्राधिकारियों एवं अन्य अधिकारियों ने जिला न्यायालय परिसर में बैंक, नगर निगम एवं विद्युत मंडल के स्टॉल पर जाकर पक्षकारों को मार्गदर्शन देते हुए पात्र पक्षकारों को राहत पहुंचाने के लिए छूट दिलाए जाने का निर्देश दिया। मुख्यालय स्तर पर 13 खंडपीठ, तहसील न्यायालय हरसूद में 3 खंडपीठ एवं तहसील न्यायालय पुनासा में एक खंडपीठ का गठन किया गया। जिसमें कुल 17 न्यायिक खण्डपीठों ने न्यायालयों में लंबित 442 प्रकरणों का राजीनामा के आधार पर निराकरण कराया। इस तरह कुल 2764 प्रीलिटिगेशन प्रकरणों का निराकरण हुआ है।
विस्थापितों को दिए चेक
राष्ट्रीय लोक अदालत हरसूद की में एनएचडीसी ने चार विस्थापितों के प्रकरण में राजीनामा कर चेक प्रदान किए। जिनमें लहाड़पुर के मो. सलीम व अन्य एवं हरिपुरा के तीन प्रकरणों में कुल 19 लाख रुपए का भुगतान किया गया। विस्थापितों को अतिरिक्त जिला न्यायाधीश हरसूद आशीष दवंडे ने गुलदस्ता और चेक प्रदान किए। विस्थापितों की ओर से सुजान सिंह राठौर एवं मोहित पाराशर ने पैरवी की थी।