खंडवा. सर, मैं बुरहानपुर ट्रैफिक थाना में हूं, वो मेरी बुआ हैं, छोड़ दीजिए। सर, मैं आशा कार्यकर्ता हूं, जल्दी जाना है, आज छोड़ दो। हम तो अज्ञात शव दफनाते हैं, प्रशासन का सहयोग करते हैं, जाने दीजिए। स्टूडेंट हैं सर, पैसा ही नहीं है। इस तरह की बातें तब सामने आईं जब हेलमेट नहीं लगाने वालों पर यातायात पुलिस मूंदी रोड में मंगलवार को चालानी कार्रवाई कर रही थी।
यहां बता दें कि 6 से 20 अक्टूबर तक मध्यप्रदेश में हेलमेट का प्रदेशव्यापी अभियान चलाया गया है। जिसके पालन में यातायात पुलिस शहर के बाहर हाईवे पर दोपहिया वाहन चालकों चेक करने पहुंची। इस दौरान 65 दो पहिया वाहन चालकों के खिलाफ चालानी कार्रवाई करते हुए दंड वसूला गया। कार्रवाई में खंडवा कोर्ट के एक वकील भी बिना हेलमेट के पकड़े गए। जिन्होंने तर्क दिए लेकिन पुलिस ने उन्हें हाइकोर्ट के आदेश का हवाला देकर शांत करा दिया। इस कार्रवाही में सूबेदार देवेंद्र सिंह परिहार, नितिन निंगवाल, आरक्षक प्रकाश सत्या, करण पाल, पवन जाट एवं एल्विन डिसूजा मौजूद रहे।
पुलिस ने लगाए बैनर
हेलमेट जागरूकता के लिए यातायात पुलिस ने शहर के कई स्थानों पर फ्लेक्स चस्पा किए। पेट्रोल पंप संचालकों को भी कहा गया कि हेलमेट नहीं तो पेट्रोल नहीं के पोस्टर लगाते हुए वाहन चालकों को प्रेरित करें। स्कूल, कॉलेज और सरकारी विभागों में यातायात पुलिस ने पत्र लिखते हुए हेलमेट अनिवार्य रूप से लगाने की अपील की है।
पहले खुद में सख्ती करे पुलिस
आम जनता तो पुलिस की कार्रवाई का सामना करने के बाद जागरूक हो रही है। ग्रामीण क्षेत्र से आने वाले कुछ लोगों ने हेलमेट का महत्व समझा है। लेकिन पुलिस के आरक्षक से लेकर अफसर तक जब बिना हेलमेट और उस पर तीन सवारी लेकर चलते हैं तो आमजन भी लापरवाही की राह चलने लगता है। जरूरी है कि पुलिस खुद में सख्ती करे, ताकि इनसे सीख लेकर आम जनता नियमों का पालन करने लगे।