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संक्रांति पर दुर्लभ योग, कैसे मिलेगा फायदा, क्या करे दान-पुण्य

संक्रांति पर दिनभर पुण्यकाल, खरीदी के लिए पूरे साल योग, वर्ष 2017 में 13 बार आएगा पुष्य नक्षत्र. र्लभ योग में इस बार मकर संक्रांति मनाई जाएगी। इसके दो कारण हैं पहला तीन साल बाद 14 को मकर संक्रांति आएगी। वहीं दूसरा एक दिन पहले यानी 13 जनवरी को खरीदी का महामुहूर्त पुष्य नक्षत्र रहेगा।

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Editorial Khandwa

Dec 29, 2016

khandwa Makar Sankrati Laddu

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खंडवा. दुर्लभ योग में इस बार मकर संक्रांति मनाई जाएगी। इसके दो कारण हैं पहला तीन साल बाद 14 को मकर संक्रांति आएगी। वहीं दूसरा एक दिन पहले यानी 13 जनवरी को खरीदी का महामुहूर्त पुष्य नक्षत्र रहेगा। नए साल में खरीदी के योग का यह पहला मौका होगा। इसके बाद वर्ष 2017 में 13 पुष्य नक्षत्र आएंगे।
ज्योतिषाचार्य अतुल शर्मा के मुताबिक वर्ष 2014 में संक्रांति 14 जनवरी को थी। 2017 और आगे वर्ष 2018 में भी संक्रांति 14 जनवरी को आएगी। 14 जनवरी को सूर्य के उत्तरायण होने पर शुभता की शुरुआत होगी। संक्रांति पूर्व खरीदी का पुष्य नक्षत्र का आना दुर्लभ संयोग माना जा रहा है। संक्रांति से पूरे साल जमकर खरीदारी होगी।
प्रीति योग 27 योग में सबसे अच्छा
संक्रांति के दिन सुबह 7.38 बजे सूर्य मकर राशि में प्रवेश करेंगे। इस दौरान स्नान, दान का पुण्यकाल शुरू होगा, जो दिनभर रहेगा। इसी दिन सुबह 7.14 पर सूर्योदय से शाम 4.26 बजे तक प्रीति योग का संयोग भी है। 27 योगों में यह योग परस्पर प्रेम बढ़ाने वाला है। पुष्य नक्षत्र 13 जनवरी की सुबह 7.14 से रात 11.14 बजे तक यानी 16 घंटे का होगा।
इसलिए बदलती है तारीख
सूर्य के दो अयण, निरयण तथा सायन में अंतर संक्रांति की वजह से संक्रांति का 24 घंटे का भाग बढ़ जाता है। इसके कारण कभी 14 तो कभी 15 जनवरी को आती है।
संक्रांति कब-कब बदली
वर्ष - तारीख
2017 - 14 जनवरी
2018 - 14 जनवरी
2019 - 15 जनवरी
2020 - 15 जनवरी
पुष्यनक्षत्र नए साल में कब-कब
तारीख - वार
13 जनवरी - शुक्रवार
9 फरवरी - गुरुवार
9 मार्च - गुरुवार
5 अप्रैल - बुधवार
2 मई - मंगलवार
30 मई - मंगलवार
26 जून - सोमवार
23 जुलाई - रविवार
20 अगस्त - रविवार
16 सितंबर - शुक्रवार
10 नवंबर - गुरु-शुक्र
7 दिसंबर - गुरुवार
(पंडितों के मुताबिक नए साल में पुष्यनक्षत्र)

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