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भारत और यूरोपीय संघ के बीच ‘मदर ऑफ ऑल डील्स’ आज, लेकिन जानें कब से लागू हो सकता है यह समझौता

भारत और यूरोपीय संघ (EU) ने ऐतिहासिक मुक्त व्यापार समझौता ‘मदर ऑफ ऑल डील्स’ को सफलतापूर्वक पूरा कर लिया है। इसका ऐलान आज 16वें भारत‑EU शिखर सम्मेलन में किया जाएगा, जिससे दोनों देशों के बीच व्यापार, निवेश और आर्थिक सहयोग को बढ़ावा मिलेगा।

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यूरोपीय आयोग की अध्यक्ष उर्सुला वॉन डेर लेयन, यूरोपीय परिषद के अध्यक्ष एंटोनियो कोस्टा, राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू, उपराष्ट्रपति सीपी राधाकृष्णन और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी राष्ट्रपति भवन में (Photo/Rashtrapati Bhavan)

भारत और यूरोपीय संघ (EU) के बीच लंबे समय से चली आ रही मुक्त व्यापार समझौता (FTA) वार्ता सफलतापूर्वक पूरी हो गई है। वाणिज्य सचिव राजेश अग्रवाल ने बताया कि 'मदर ऑफ ऑल डील्स' के नाम से चर्चित इस ऐतिहासिक समझौते का औपचारिक ऐलान मंगलवार, 27 जनवरी 2026 को नई दिल्ली में आयोजित होने वाले 16वें भारत-EU शिखर सम्मेलन में होने की संभावना है।

अगले वर्ष प्रभाव में आने की संभावना

समझौते की प्रक्रिया के अनुसार, अब इसके कानूनी पहलुओं की समीक्षा की जाएगी। इस कानूनी समीक्षा को पूरा करने में करीब पांच से छह महीने का समय लग सकता है, जिसके बाद ही औपचारिक दस्तावेजों पर हस्ताक्षर किए जाएंगे। यानी यह समझौता अगले वर्ष प्रभाव में आ सकता है। इससे दोनों पक्षों के बीच निवेश, व्यापार और आर्थिक सहयोग को नई मजबूती मिलने की संभावना है।

शिखर सम्मेलन में जुटेंगे दिग्गज

16वें भारत-EU शिखर सम्मेलन की मेजबानी प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी करेंगे। इस महत्वपूर्ण बैठक में यूरोपीय संघ का प्रतिनिधित्व यूरोपीय परिषद के अध्यक्ष एंटोनियो कोस्टा और यूरोपीय आयोग की अध्यक्ष उर्सुला वॉन डेर लेयन करेंगी। सम्मेलन में दोनों पक्ष आर्थिक और तकनीकी सहयोग के साथ-साथ सुरक्षा और वैश्विक मुद्दों पर साझेदारी को और मजबूत करने की रणनीति पर चर्चा करेंगे।

बाजार और व्यापार के नए अवसर

EU ट्रेड कमिश्नर मारोस शेफकोविच के अनुसार, यह समझौता यूरोपीय कंपनियों के लिए भारतीय बाजार तक पहुंच आसान बनाएगा। कुछ क्षेत्रों में भारत का आयात शुल्क बहुत अधिक था, जिससे व्यापार करना मुश्किल था। अब यह बाधा कम होने से व्यापार को बढ़ावा मिलने की संभावना है। ब्रसेल्स इस समझौते को अमेरिका और चीन के अलावा एक वैकल्पिक और मजबूत व्यापारिक संबंध के रूप में देख रहा है।

सुरक्षा और रक्षा साझेदारी पर भी चर्चा की संभावना

यूरोपियन कमीशन की वाइस प्रेसिडेंट काजा कलास ने भारत के साथ सहयोग बढ़ाने की आवश्यकता पर बल दिया। उन्होंने कहा कि शिखर सम्मेलन में सुरक्षा और रक्षा साझेदारी पर भी चर्चा होने की संभावना है, जिससे समुद्री सुरक्षा, साइबर सुरक्षा और आतंकवाद विरोधी प्रयासों में तालमेल बढ़ सकता है। बता दें कि यह समझौता 2007 में शुरू हुई वार्ता और 2022 में पुनर्जीवित लंबी बातचीत का नतीजा है। इसे लागू होने के बाद भारत और EU के बीच निवेश और व्यापार में बढ़ोतरी की उम्मीद है।