
मद्रास हाईकोर्ट(File Photo- Patrika)
चेन्नई स्थित मद्रास हाईकोर्ट ने तमिलनाडु सरकार को शराब की खाली बोतलें वापस खरीदने (Buyback Scheme) का आदेश दिया। कोर्ट ने तमिलनाडु सरकार को यह योजना पूरे राज्य में सख्ती से लागू करने का आदेश दिया है। आदेश का पालन नहीं होने पर कोर्ट ने सरकार के खिलाफ कार्रवाई की चेतावनी दी है। कोर्ट ने यह आदेश पर्यावरण सुरक्षा और खाली बोतलों के निस्तारण (कचरा प्रबंधन) के लिए तमिलनाडु राज्य विपणन निगम (TASMAC) को दिया है। इस पहल के तहत ग्राहकों से खाली बोतलें वापस लेकर उन्हें प्रति बोतल एक निश्चित राशि रिफंड के रूप में दी जा रही है।
मद्रास हाईकोर्ट ने शराब की खाली बोतलें वापस खरीदने की योजना 31 मई तक पूरे राज्य में लागू करने के लिए कहा है। कोर्ट ने पर्यावरण और वन संरक्षण से संबंधित एक मामले पर सुनवाई करते हुए यह आदेश दिया है। इसके पहले हुई इस मामले की सुनवाई में राज्य सरकार ने कोर्ट को बताया था कि यह योजना 29 जिलों में पूरी तरह से लागू हो चुकी है। राज्य सरकार ने कहा था कि यह शराब की खाली बोतलों की वापसी योजना जल्द ही पूरे राज्य में लागू हो जाएगी। तमिलनाडु सरकार ने इस योजना को राज्य के बचे हुए अन्य हिस्से में लागू करने के लिए कोर्ट से समय मांगा था। राज्य सरकार की अपील पर कोर्ट ने योजना को लागू करने के लिए 1 महीने का समय बढ़ा दिया था।
हाईकोर्ट में मामले की सुनवाई के दौरान सरकारी वकील ने अपना पक्ष रखा। सरकारी वकील ने की शराब की बोतलें वापसी की योजना लागू करने की प्रक्रिया जारी है। शराब की बोतलों पर QR कोड छापने के लिए टेंडर जारी किया गया है। एक बार यह प्रक्रिया पूरी हो जाने के बाद योजना पूरी तरह से लागू हो जाएगी। QR कोड छापने से खाली बोतलों को इकट्ठा करने के काम के लिए TASMAC कर्मचारियों पर अतिरिक्त बोझ नहीं पड़ेगा।
सुनवाई के दौारन कोर्ट ने सरकार से पूछा कि 1 महीने का विस्तार दिए जाने के बावजूद शेष जिलों में योजना को लागू करने में क्या कठिनाइयां बनी हुई हैं? यह योजना अब तक लागू क्यों नहीं पाई है? कोर्ट के सवालों पर सरकारी वकील ने बताया कि प्रतिदिन 2 करोड़ शराब की बोतलें बेची जाती हैं। संग्रहण के दौरान बोरियों में एक साथ बांधे जाने के कारण कुछ खाली बोतलें टूट जाती हैं या क्षतिग्रस्त हो जाती हैं।
कोर्ट ने राज्य सरकार से कहा कि खाली बोतल वापसी योजना को पूर्ण रूप से 31 मई तक लागू की जाए। इस योजना को लागू करने की यह अंतिम सीमा है। कोर्ट ने चेतावनी दी कि यदि योजना लागू नहीं की जाती है तो TASMAC प्रशासन से इसके बाद बेची गई प्रत्येक बोतल पर 10 रुपए का पर्यावरण क्षतिपूर्ति शुल्क वसूलने का आदेश जारी किया जाएगा। इसके साथ ही कोर्ट ने TASMAC प्रशासन को खाली बोतलों के उचित निपटान के लिए उपयुक्त निर्देश जारी करने का निर्देश दिया।
Updated on:
13 Mar 2026 09:53 pm
Published on:
13 Mar 2026 09:47 pm
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