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घटिया बीज बेचा, खेतों में अंकुरित कपास के पौधे सूखे

अन्नदाता पर संकट...निजी कंपनी के 659 किस्म के पौधे हो रहे खराब, किसानों का गलत बीज बेचने का आरोप, कंपनी व कृषि अधिकारियों ने किया दौरा

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खरगोन

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Hemant Jat

Jun 01, 2021

BT Cotton Sold inferior seeds

खेतों में इस तरह मुरझा रहे पौधे

खरगोन.
पिछले दो वर्षों से कोरोना संक्रमण की परेशानी से जूझ रहे किसानों के साथ निजी कंपनियां भी छल कर रही है। बाजार में ब्रांडेड कंपनी के नाम से अमानक बीज बेचकर किसानों को ठगा जा रहा है। गांव के कुछ किसानों द्वारा पिछले दिनों राशि सीड्स कंपनी की 659 किस्म का बीज ग्रीष्मकालीन फसल के लिए बोया गया। पौधे अंकुरित भी हो गए, लेकिन अब यह मुरझा कर सूखने लगे है। जिससे किसानों को फसल खराब होने का डर है। बीज कंपनी एवं कृषि विभाग को शिकायत की गई। किसानों का आरोप है हमें उक्त कंपनी द्वारा गलत बीज दिया गया जो कि शुरुआती दौर में ही पौधे आकार ना लेते हुए मुरझाने लग गए। किसान ज्ञान चंद पाटीदार, धर्मेंद्र सुंदर पटेल, भूपेंद्र सिंह मंडलोई, दशरथ पाटीदार, कैलाश सिंह मंडलोई, सुरेंद्र सिंह बन्ना आदि किसानों ने बीज खराब होने के कारण शीघ्र मुआवजा दिए जाने की मांग की।

कृषि अधिकारियों ने लिया जायजा
सोमवार को बीज कंपनी के सेल्स मैनेजर धर्मेंद्र वर्मा एवं कृषि विभाग से कृषि विस्तार अधिकारी दिनेश ब्रह्मा द्वारा शिकायतकर्ता किसानों के खेतों में पहुंचकर अंकुरित पौधे को देखा। बीज कंपनी के एरिया मैनेजर धर्मेंद्र वर्मा ने किसानों को बताया कि वर्तमान में टेंपरेचर अधिक होने से पौधों में यह समस्या उत्पन्न हुई है। वहीं किसान इस बात से सहमत नहीं थे। उन्होंने आक्रोश व्यक्त करते हुए बताया कि हमारे खेतों में अन्य कपास कंपनी की विभिन्न किस्म में लगाई गई है, उसमें किसी भी प्रकार की परेशानी नहीं है। केवल एक ही वैरायटी में यह समस्या है।

पंचनामा बनाया, वरिष्ठ अधिकारियों को भेजेंगे
किसानों की शिकायत पर कंपनी के मैनेजर ने पंचनामा बनाकर वरिष्ठ अधिकारियों को अवगत कराने का आश्वासन दिया गया। ग्रामीण कृषि विस्तार अधिकारी द्वारा भी किसानों को बताया गया कि किसानों की समस्या को वरिष्ठ कार्यालय को अवगत कराते हुए कृषि वैज्ञानिकों को इस समस्या के लिए लिखित सूचना दी जाएगी।