
कुंदा नदी पर बने प्राचीन अहिल्या घाट की हुई सफाई, तीन ट्राली गाद निकाली
कुंदा नदी पर बने प्राचीन अहिल्या घाट की हुई सफाई, तीन ट्राली गाद निकाली
-वैकुंठ चतुर्दशी पर होगा दीपदान, पत्रिका की पहल लाई रंग
खरगोन. शहर की कुंदा नदी पर बने प्राचीन घाट की सफाई शुरू हुई। शुक्रवार को नगर पालिका के अमले ने सिद्धि विनायक गणेश मंदिर के सामने बने प्राचीन देवी अहिल्या घाट पर सफाई की। घाट के असपास फैले कचरे को हटाया गया। नदी में जमा गाद को निकाला गया। इस प्रक्रिया में करीब तीन ट्राली गाद निकाली गई। उल्लेखनीय है कि वैकुंठ चतुर्दशी पर इस घाट पर बड़ी संख्या में श्रद्धालु दीपदान करने आते हैं। ऐसे में घाट के आसपास गंदगी और गाद जमा होने पर पत्रिका ने 21 नवंबर के अंक में ’दो भाईयों ने अपनी संपत्ति से बनवाया था कुंदा नदी पर घाट, नपा संरक्षण तक नहीं कर पाई, गंदगी से पटा घाट’ शीर्षक से प्रमुखता से समाचार प्रकाशित किया था। इसके बाद नगर पालिका अमले ने घाट और नदी की सफाई कराई। नपा के स्वास्थ्य अधिकारी प्रकाश चित्ते ने बताया कि घाट और आसपास की सफाई कराई गई है। करीब तीन ट्राली गाद निकाला गया है। यहां पर नागरिकों को परेशानी नहीं होगी।
दो भाईयों ने बनवाया था देवी अहिल्या घाट
इतिहासकार व सेवानिवृत्त प्राचार्य डॉ. एम रायकवार के अनुसार शहर में दो सगे भाई तापीदास और बनारसीदास निवास करते थे। दोनों व्यापारी थे। इनकी कोई संतान नहीं थी। अंतिम समय में दोनों भाइयों की पत्नियां होलकर राजघराने पहुंची और देवी अहिल्याबाई के समक्ष अपनी सारी संपत्ति राजकोष में जमा कराने की इच्छा जताई। अहिल्याबाई ने उन्हें शहर के कुंदा तट पर घाट का निर्माण करवाने की बात कही ताकि नागरिकों को सुविधा मिल सके। इस आदेश के बाद बने घाट का नामकरण मातुश्री के नाम से हुआ।
वर्शन
शहर की कुंदा नदी पर बने घाट की सफाई कराई गई है। घाट पर प्रकाश और अन्य व्यवस्था की गई है। वैकुंठ चतुर्दशी पर श्रद्धालुओं को दीपदान करने में कोई परेशानी नहीं आएगी। -छाया जोशी, अध्यक्ष, नगर पालिका, खरगोन
Published on:
24 Nov 2023 07:41 pm
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