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जैन मुनि ने कोरोना वायरस फैलने का खोला रहस्य, सुनकर दंग रह गए सभी

जैन मुनि प्रणामसागर ने कहा. भारत करुणा का देश, कोरोना वायरस का नहीं चाइनीज रंगों व पिचकारी से बचे, मां नर्मदा-गंगाजल और प्राकृतिक रंगों से होली खेलने का दिया संदेश, कोरोना वायरस से बचाव के लिए कपूर, लोंग और तुलसी साथ रखने दी सलाह

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खरगोन

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Gopal Joshi

Mar 13, 2020

corona virus

खरगोन. मुनि प्रणामसगागर महाराज।

खरगोन.
जैन संत भक्तामर वाले बाबा आचार्य डॉ. प्रणाम सागर महाराज का गुरुवार नगर आगमन हुआ। टेगौर पार्क स्थित पाश्र्वनाथ दिगंबर जैन मंदिर में पहुंचे महाराज ने कहा- विश्वभर में तेजी से फैल रही संग्रमित बीमारी कोरोना वायरस के लिए जीव हत्या और मांसाहार ही जिम्मेदार है।
उन्होंने कहा- भारत करुणा का देश है, कोरोना का नहीं। कोरोना जैसी भयानक बीमारी से पूरा विश्व डरा हुआ है। यह बीमारी का वायरस सीधा मांसाहार से जुड़ा है और चीन में ज्यादातर जीव को सताया जाता है एवं हत्याएं होती है, इसी कारण इस बीमारी की शुरुआत हुई है। भारत देश में ऐसी बीमारियां नहीं पनपती, क्योंकि यह देश संत, महात्माओं, देवताओं, भारतमाता की भूमि है। उन्होंने आगामी रंगपंचमी पर चायनीज रंग, पिचकारी, मास्क से होली खेलने के बजाय मां नर्मदा और गंगाजल एवं प्राकृतिक रंगों से होली खेलने की अपील की। महाराज ने कहा बीमारियों से बचने के लिए चाइना की सामग्री खरीदने से बचें और मेक इन इंडिया याने स्वदेशी अपनाएं।

पूरा विश्व भारत की संस्कृति का कर रहा अनुसरण
मुनी ने कहा चीन में जीवों को ज्यादा सताया जाता है तो वही जीव अब सारे विश्व को सता रहे हंै। ज्यादातर बीमारियां मांसाहार से होती है। उनका मानना है कि भारत देश सदियों से शाकाहार का संदेश दे रहा है और बदलते परिवेश में सनातनी संस्कृति अपने आप को दोहराते हुए धीरे-धीरे पूरा विश्व इसको जानकर शाकाहार की तरफ लौट रहा है।

जियो और जीने का का संदेश देता है जैन धर्म
उन्होंने कहा जैन धर्म का संदेश भी यही है कि जियो और जीने दो...। कोराना वायरस के संक्रमण से बचने के लिए उन्होंने प्राकृतिक उपचार भी बताए। मुनिश्री ने कहा अपनी जेब में कपूर, 5 लोंग, तुलसी पत्ते रखें। इससे संक्रमण से बच सकेंगे। इस दौरान बड़ी संख्या में समाजजन, जनप्रतिनिधि भी मौजूद थे।

शाम को ऊन तीर्थस्थल के लिए किया प्रस्थान
शाम 4 बजे मुनि प्रणामसगागर ने जैन तीर्थ ऊन के लिए प्रस्थान किया। ऊन में वे 13 व 14 मार्च होने वाले 14वें वार्षिक मेला महामस्तकाभिषेक महोत्सव में शामिल होंगे। प्रस्थान के दौरान बड़ी संख्या में समाजजन उनके साथ शहर सीमा तक गए।