
Drones Spraying of peseticides Farmer in Farm
सनावद.
आधुनिक खेती का धीरे-धीरे निमाड़ में भी असर दिखने लगा है। इस आधुनिक खेती का युग जल्द शुरू होने वाला है। जिससे समय के साथ-साथ पैसे का सही उपयोग भी होगा। साथ सही और अधिक उत्पादन भी फसलों का होगा। ऐसा ही नजारा बेडिय़ा-सनावद रोड पर हरियाली के आगे अनंत सेठ के खेत में निजी कंपनी द्वारा ड्रोन जिसे निमाड़ में छोटा उडऩ खटोले कहते है उससे डालर चने की फसल में दवाई का छिड़काव करवाया गया। क्षेत्र में पहली बार इस प्रकार का प्रयोग सोमवार को किया गया। दवा का छिड़काव देखने लोगों की भीड़ लग रही। नागरिक एवं किसानों अपने मोबाईल से इसका वीडियो और फोटो कैमरे में कैद किया।
दिनभर का काम एक घंटे में पूरा
किसान राजेन्द्र नामदेव ने बताया जहां सामान्यत पंप से तीन एकड़ चने में दवाई छिड़काव करने से सुबह से शाम तक का समय लगता है। वही ड्रोन से यह कार्य एक घंटे में समाप्त हो जाता है। इससे दवा की बचत भी होती है। साथ ही ड्रोन के पंखों की तेज हवा के कारण दवाई पूरी तरह पौधों तक जाती है। जिससे इल्ली ओर किट पूरी तरह दवाई लगने से अचेत होकर मर जाती है।
कई गांवों में तकनीक का इस्तेमाल
ग्राम सालाखेड़ी के किसान बिहारी गवली, एडु गवली चितावद के गोरधन चोधरी मोहन पटेल बाग्दा के टिकाराम ढेपड़ा सहित अनेक किसानो ने इस तरह दवा छिड़काव में ड्रोन के उपयोग की सराहना की। कंपनी के मैनेजर एवं कर्मचारियों ने किसानों ने कृषि कैसे फायदेमंद हो इस सबंध में जानकारी भी दी।
जैविक खेती को अपनाया
बड़वाह तहसील के कई गांवों में इनदिनों किसानों द्वारा जैविक खेती कीे जा रही है। इसमें सनावद बेल्ट के बागफल, बागदा, ढकलगांव सहित आसपास के गांवों में किसानों द्वारा जैविक और आदर्श खेती की जा रही है। इससे यह क्षेत्र एक अलग पहचान हासिल कर चुका है।
Published on:
20 Dec 2017 02:36 pm
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