
झिरन्या क्षेत्र में चार साल से टूटी स्कूल। निजी मकान में चल रहा शाला
खरगोन.
नवीन शिक्षा सत्र शुरु होने के साथ स्कूलों में पढ़ाई का दौर भी चल पड़ा है। प्रायमरी स्कूलों में प्रवेशोत्सव मनाया जा रहा है। जहां तक शिक्षा की बात है, तो जिले में बच्चों को पढ़ाने के लिए शिक्षकों की भारी कम है। तकरीबन 200 ऐसे प्रायमरी शालाएं शिक्षक विहिन है। जहां अभी तक अतिथियों के भरोसे नौनिहालों का भविष्य गढ़ जा रहा था। वहीं इस बार शासन स्तर से उच्च पदों पर भर्ती के साथ शैक्षणिक व्यवस्था में सुधार की कवायद होना है। किंतु इस प्रक्रिया में समय लगने पर जिन शालाओं में शिक्षक पहले से कम है, वहां पढ़ाई बाधित होगी। जिसे लेकर अभी तक कोई दिशा-निर्देश जारी नहीं हुए है।
शिक्षा विभाग से मिली जानकारी के अनुसार जिले में हर साल लगभग डेढ़ लाख विद्यार्थी अलग-अलग कक्षाओं में प्रवेश पाते हैं। इनके अनुपात में शिक्षक नहीं है। पात्रता परीक्षा पास अभ्यर्थियों की नियुक्त जरुरी हुई है, लेकिन इनकी संख्या ऊंगलियों पर गिनी जा सकती है। शिक्षा विभाग में 23 तो जनजाति विकास विभाग में 587 नवीन शिक्षकों की नियुक्ति हुई है। इसके बावजूद लगभग डेढ़ सौ से दो सौ शालाएं शिक्षक विहिन है।
आदिवासी ब्लॉकों में शिक्षकों की कमी
शिक्षकों की कमी को लेकर सबसे अधिक समस्या झिरन्या, भगवानपुरा और सेगांव ब्लॉक में है। यहां कई स्कूलें ऐसी है, जहां शिक्षक नहीं है। कही एकल शिक्षक की व्यवस्था है। स्कूल खुलने के बाद बच्चों को पढ़ाने के लिए शिक्षक मौजूद नहीं है। ऐसे में इन शालाओं में शैक्षणिक गतिविधियां अतिथियों के भरोसे रहेगी। मालूम हो कि जिले में 1955 प्राथमिक विद्यालय हैं और 960 माध्यमिक विद्यालय हैं। जिनमें सोमवार से नियमित पढ़ाई आरंभ होगी।
नई नियुक्ति तक करना पड़ेगा इंतजार
नए सत्र के लिए शिक्षा और जनजाति विकास विभाग द्वारा मिडिल, हाईस्कूल और हायर सेकंडरी के लिए नवीन शिक्षकों की नियुक्ति की गई। जबकि प्रायमरी स्तर पर शिक्षकों के पद खाली है। जिनकी नियुक्ति अभी होना है। शासन स्तर पर उच्च पदों पर प्रतिपूर्ति की जाएगी। अधिकारिक सूत्रों के अनुसार प्रायमरी के शिक्षकों को माध्यमिक और माध्यमिक से उच्च शिक्षक के रूप में की जाएगी। जिसके बाद श्रेणी-3 के शिक्षकों की नई नियुक्ति होना है।
ट्रायल विभाग में हुई नियुक्ति
जनजाति विकास विभाग के सहायक संचालक एबी गुप्ता ने बताया नए सत्र के लिए नवीन शिक्षकों की नियुक्ति की गई। प्रायमरी स्तर पर 537 शिक्षकों ने ज्वाइन किया है। जबकि 50 माध्यमिक टीचर नियुक्त किए गए। झिरन्या और भगवानपुरा में करीब 200 शिक्षकों को नियुक्त किया गया है। बावजूद इसके अब भी कई शालाएं शिक्षक विहिन है।
फैक्ट फाइल
जिले...
-1955 प्राथमिक शाला
-960 माध्यमिक स्कूल
-5558 प्राथमिक शिक्षक
-1984 माध्यमिक शिक्षक
-200 शिक्षक विहिन स्कूल
भोपाल स्तर पर
शिक्षकों की नियुक्ति भोपाल स्तर से होना है। उच्च पदों पर प्रतिनियुक्ति के बाद प्रामयरी शिक्षकों की नियुक्ति होना है। वरिष्ठ कार्यालय के आदेशानुसार शिक्षकों की व्यवस्था की जाएगी।
हेमेंद्र वाडऩेरकर प्रभारी जिला शिक्षा अधिकारी, खरगोन
Published on:
04 Jul 2023 12:18 pm
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