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महिला टीचर ने स्कूल की बना दी रेल, क्लास में रेल के डिब्बे, इंजन और इमरजेंसी विंडो

महिला टीचर ने खुद के खर्चे पर स्कूल में रेल का इंजन, डिब्बे और इमरजेंसी विंडो तक बनावाई है, इस कारण ये स्कूल जिले ही नहीं बल्कि प्रदेशभर में आकर्षण का केंद्र बन गया है।

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महिला टीचर ने स्कूल की बना दी रेल, क्लास में रेल के डिब्बे, इंजन और इमरजेंसी विंडो

महिला टीचर ने स्कूल की बना दी रेल, क्लास में रेल के डिब्बे, इंजन और इमरजेंसी विंडो

खरगोन/मगरखेड़ी. मध्यप्रदेश के खरगोन जिले के मगरखेड़ी में स्थित एक सरकारी स्कूल की महिला टीचर ने रेल बना दी, ये सुनकर आपको हैरानी हो रही होगी, कि आखिर कैसे किसी स्कूल की रेल बनाई जा सकती है, लेकिन यही सच है, दरअसल इस महिला टीचर ने बच्चों के ज्ञान को बढ़ाने के लिए ये अनूठी पहल की है, उन्होंने खुद के खर्चे पर स्कूल में रेल का इंजन, डिब्बे और इमरजेंसी विंडो तक बनावाई है, इस कारण ये स्कूल जिले ही नहीं बल्कि प्रदेशभर में आकर्षण का केंद्र बन गया है।

जिले में रेल की छुक-छुक भले ही सुनाई नहीं दे रही हो, लेकिन इसके प्रति बच्चों में उत्सुकता और रेलवे परिवहन का महत्व एक स्कूल में नवाचार के जरिए समझाया जा रहा है। मगरखेड़ी के एकीकृत शासकीय कन्या माध्यमिक विद्यालय में प्रधानपाठिका ट्रीजा विनसेंट ने बच्चों को स्कूल के प्रति आकर्षित करने व उनका आईक्यू लेवल बढ़ाने के लिए पूरे बिल्डिंग को रेल की शक्ल दी है। पेंटिंग भी ऐसी कि दूर से देखने पर यह स्कूल किसी रेलवे स्टेशन का हिस्सा ही लगता है। पढ़ाई की व्यवस्थाएं लगभग प्रायवेट स्कूल जैसी हैं। स्कूल को एजुकेशन एक्सप्रेस नाम दिया है।

प्रधानपाठिका ने बताया इस नवाचार के पीछे बच्चों को शिक्षा से जोडऩा है। वह बताती हैं कि उनका बेटा मूकबधिर है। बच्चों के प्रति लगाव व उन्हें पाठ्यक्रम के अलावा कुछ अतिरिक्त देने की चाह में ही यह गतिविधियां की जा रही है। कसरावद क्षेत्र में भले ही रेल न आई हो लेकिन इस स्कूल में पढऩे वाले बच्चे रेल की बारीकियां बखूबी जानते हैं। प्रधानपाठिका ने स्वयं के खर्चे से स्कूल के कमरों को ट्रेन का रूप देकर पुतवाया है। इसमें इंजन, रेल के डिब्बे, चालक व इमरजेंसी गेट शामिल है। स्कूल को ट्रेन के रूप में देखकर बच्चे बहुत खुश होते हैं। प्रधानपाठिका की इस पहल को ग्रामीणों ने सराहा है। नवाचार का असर यह हुआ है कि सरकारी स्कूल में बच्चों की संख्या बढ़ गई है।

बच्चे बोले पढ़ाई में अधिक लगेगा मनबाल कैबिनेट प्रधानमंत्री सुषमा शर्मा, साक्षी मंसूरे, कामिनी नामदेव, चांदनी पटेल, दिव्या नामदेव, रोहन नायक ने कहा ट्रेन की आकृति के कमरों में बैठकर पढ़ाई करने में अधिक मन लगेगा। पालकों ने कहा यहां सुविधाएं भी निजी स्कूल के समान है। स्कूल में बच्चों के लिए खेल गतिविधि सहित अन्य बेहतर सुविधाएं भीमुहैया है।

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