
police disclosure rape case
खरगोन. झिरन्या थाना क्षेत्र के एक गांव में नाबालिग के साथ हुई सामूहिक दुष्कर्म घटना के सभी की निगाहें टिकी थी। इस घटना की गुत्थी आखिरकार पुलिस ने सुलझा ली। जिसमें तीन आरोपियों में से दो को पुलिस ने पकड़ लिया, जो सनावद क्षेत्र में छिपे हुए थे। यह इंदौर-इच्छापुर हाइवे के रास्ते महाराष्ट्र की ओर भागने की फिराक में थे। इसके पूर्व पुलिस ने दोनों को पकड़ लिया। अभी एक आरोपी फरार है, जिसकी तलाश में पुलिस औरंगापुर तक गई, लेकिन आरोपी का पता नहीं चला।
मालूम हो कि झिरन्या के इतिहास में यह पहली ऐसी घटना थी, जिसमें सामूहिक दुष्कर्म जैसे अपराध के बाद आरोपियों ने कोई भी सुराग नहीं छोड़ा था। इसलिए बदमाशों की पहचान करना और उन्हें गिरफ्तार करना पुलिस के सामने चुनौती बना हुआ था। पुलिस अधिकारियों के अलावा डेढ़ सौ से ज्यादा जवान रात-दिन आरोपियों की तलाश में जुटे थे। नाबालिग के साथ हुए जघन्य अपराध को लेकर सामाजिक संगठनों ने भी अपना आक्रोश जताया था। 11वें दिन घटना से पर्दा उठा है।
आदिवासी बोली बोली बोल रहे थे आरोपी
पुलिस ने आरोपी मदन उर्फ मादलिया पिता सुरपाल (25), झबरिया पिता झबरसिंग (40) को गिरफ्तार किया है। जिन्होंने अपना जुर्म कबूला है। एक अन्य आरोपी राध्या पिता सुरपाल फरार है। एसपी ने बताया कि पीडि़ता ने घटना के दिन आरोपियों की बात सुनी थी, जो आदिवासी बोली बोल रहे थे। इसके अलावा इंटलीजेंस और लोकल इनपुट मिला था । मारुगढ़ और झिरन्या से लगे 20 से 30 गांवों में वोटर आईडी और मतदाता सूची लेकर पुलिस की टीम ने एक-एक आदमी की जानकारी जुटाई। घटना के तीन से गायब तीन आरोपियों के बारे में पुलिस की टीम को सुराग मिला। तब कही जाकर आरोपियों के गिरेबां तक पहुंची।
चोरी करने आए थे, पीडि़ता को देख नीयत बिगड़ी
एसपी ने बताया कि घटना की रात्रि में पीडि़ता और उसका बड़ा भाई खेत में बनी झोपड़ी में सो रहे थे। जहां तीनों आरोपी चोरी की बाइक पर बैठकर पहुंचे। यहां आरोपियों ने पीडि़ता के भाई से शराब मांगी, उसके नहीं देने पर ल_ से मारपीट की। मोबाइल छीन लिया। मदद मांगने के लिए भाई गांव की ओर दौड़ा। आरोपियों की नीयत बिगड़ गई। वह 15 वर्षीय नाबालिग को उठाकर करीब डेढ़ किमी दूर ले गए। जहां बारी-बारी से दुष्कर्म किया। एसपी ने बताया कि स्थानीय लोगों से पूछताछ में पता चला कि मदन, झबरिया और राध्या को मारुगढ़ के आसपास देखा गया। घटना के बाद से तीनों गायब थे। जिससे पुलिस को यह शक गया कि घटना से जरुर इनका कोई कनेक्शन है।
खेतों के रास्ते भागे, पुलिस को किया गुमराह
वारदात के दौरान जब आरोपी भाग रहे थे, तो उन्हें पीडि़ता के परिजनों ने देख लिया, लेकिन अंधेरा होने से पहचान नहीं पाए। परिजनों की आवाज देने पर बाइक छोड़कर खेतों के रास्ते भागे। सुबह करीब साढ़े बजे झिरन्या के पास एक गांव में परिचित के घर पहुंचे। यहां सवाल-जवाब होने पर तीनों ने अलग-अलग राह चुनी। मदन भागकर सनावद के समीप गलगांव पहुंच गया। जहां वह कपास के खेत में छुपकर रहने लगा। पुलिस ने मुखबिर तंत्र की मदद से दबिश देकर मदन को पकड़ा, जो पुलिस को देखकर भाग रहा था। जिसकी निशानदेही पर दूसरे आरोपी को हिरासत में लिया।
घटना स्थल की तस्दीक कराई, होगा मेडिकल
आरोपियों से घटना की तस्दीक कराने के लिए पुलिस घटनास्थल पर लेकर पहुंची। जहां दोनों ने वारदात को किसी तरह से अंजाम दिया, यह बताया। पीडि़ता और उसके भाई ने भी दोनों को पहचान लिया है। पुलिस अपने रिकॉर्ड के लिए दोनों को मेडिकल कराएगी, ताकि केस मजबूत हो सके। एसपी ने बोला कि आरोपियों को कड़ी सजा दिलाने का प्रयास करेंगे। पुलिस ने तीन अन्य संदिग्धों को भी पांच दिनों तक थाने पर रखकर पूछताछ की थी, जिन्हें छोड दिया।
आरोपियों की पहचान और गिरफ्तारी के लिए पुलिस की गई टीमें रात-दिन लगी हुई थी। कड़ी मेहनत के बाद आरोपियों को पकड़ा गया। एक अभी फरार है। जिसकी तलाश में टीम को महाराष्ट्र भेजा गया है।
- शैलेंद्रसिंह चौहान, एसपी खरगोन
Published on:
10 Oct 2020 03:59 am
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