
House roof, death in khargone
खरगोन. दो दिन बाद लड़की देखने जाने पर अच्छे कपड़े खरीदने के लिए शनिवार को पहली बार मजदूरी पर आए 12वीं के छात्र की निर्माणाधीन मकान का छज्जा गिरने से मौत हो गई। वह नर्मदा नगर क्षेत्र में जल संसाधन विकास विभाग के उपयंत्री के मकान में मलबा उठाने का काम कर रहा था। दोपहर करीब एक बजे छज्जा भरभराकर सिर पर गिर गया। इससे उसकी मौके पर ही मौत हो गई।
प्राप्त जानकारी के अनुसार, ग्राम बड़ा निवासी कमल सिंह पिता वेरसिंह (21) शनिवार सुबह 8 बजे नर्मदा नगर स्थित निर्माणाधीन मकान में मजदूरी करने आया था। वह दो साल पहले इसी मकान के पास दो दोस्तों के साथ किराए पर रहता था। इसलिए इलाके में पहचान होने से उसे काम मिल गया। दो दिन बाद उसे लड़की देखने जाना था। इसके लिए अच्छे कपड़े खरीदने और अपने हाथ खर्च के लिए रुपए हो जाएं इसलिए गांव बड़ा से मजदूरी के लिए आया। मकान जल संसाधन विभाग खरगोन में उपयंत्री एसके गीते का है। उनका परिवार दो साल से इंदौर में रहता है और यहां के मकान का ज्यादातर हिस्सा किराए से दिया हुआ था, अभी रिनोवेशन के लिए मकान खाली कराया। वे इसका कुछ हिस्सा तुड़वाकर नए स्वरूप में बनवा रहे हैं। कमल ने दोपहर तक अन्य मजदूरों के साथ काम किया। दोपहर 12 बजे बेडरूम के अंदर से मलबा हटा रहा था। इस दौरान करीब एक बजे छज्जा सीधे उसके सिर पर गिरा। सीमेंट कांक्रीट की भारी-भरकम सिल्ली सिर पर गिरने से गंभीर चोट आने से उसकी मौके पर ही मौत हो गई। सूचना के बाद गांव से परिजन और ग्रामीण बड़ी संख्या में जिला मुख्यालय पहुंचे। शव को पीएम के लिए जिला अस्पताल पहुंचाया। पुलिस ने मौका मुआयना कर जांच शुरू की है।
12वीं के लिए भरा था प्रायवेट फॉर्म
कमल के दोस्त बालाराम सोलंकी और जगदीश झमरे ने बताया कि कमल पढ़ाई में होशियार था। घर की आर्थिक स्थिति कमजोर होने से 11वीं की उत्तीर्ण करने के बाद उसने 12वीं का फॉर्म प्रायवेट भरा था। वह उसकी तैयारी में जुटा था।
सुबह ही हुई थी दोस्त से फोन पर बात
लंबे समय बाद खरगोन आए कमल ने शनिवार सुबह 8.20 बजे दोस्त जगदीश को फोन पर हालचाल पूछे। यह भी बताया कि वह दो दिन बाद लड़की देखने जाना है, लेकिन इसके पहले अच्छे कपड़े खरीदने और खुद को व्यवस्थित करने के लिए लड़की देखने का कार्यक्रम दो दिन आगे बढ़ा दिया। कमल के बड़े भाई जामसिंह ने बताया शनिवार को पहली बार खरगोन मजदूरी के खरगोन आया था। आने से पहले घर पर खाना खाया, टिफिन तैयार कराया और यहां आ गया। इसके बाद दोपहर में हादसे की सूचना मिल गई।
छज्जा गिरा तो चीख भी नहीं निकली
घटना के बाद निर्माणाधीन मकान के बरामदे में खून फैल गया। जहां कमल छज्जे के नीचे दबा वहां भी खून के धब्बे थे। उसके चप्पल यहां वहां पड़े थे। मौके की इन तस्वीरों ने परिजनों को विचलित कर दिया। उनका रो-रोकर बुरा हाल हो गया। साथी मजदूर गोलू मुजाल्दे ने बताया कमल सुबह से ही मलबा फेंकने का काम कर रहा था। घटना के पहले ही उसे देखा। जिस समय छज्जा उसके ऊपर गिरा उसकी चीख तक नहीं निकली। मैटेरियल हटाने के बाद देखा तो उसके चेहरे पर खून फैला था। उसकी मौत हो चुकी थी।
Published on:
07 Jul 2019 06:55 pm
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