
पेड़ों की छटाई नहीं होने से सड़क तक पहुंच रही टहनियां
खरगोन. हादसे कब, कहां और कैसे हो जाते हैं इसका अंदाजा भी नहीं लगाया जा सकता। खंडवा-बड़ौदा हाइवे के करीब तीस किमी दायरे में हादसों का खौफ इन दिनों लोगों को डरा रहा है। दरअसल इस मार्ग पर कुछ स्थान ऐसे हैं जहां लंबे अरसे से मौत दुबककर बैठी है। हम बात कर रहे हैं उन पेड़ों की जो बेतरतीब ढंग से सड़क पर लटक आए हैं। इनकी बुनियाद भी कमजोर पड़ गई है। शाखाएं वाहनों को टकराने पर आमादा है। मौत का खौफ इसलिए भी कहा जा सकता है क्योंकि इसी मार्ग पर मगरिया फाटे के पास करीब चार दिन पूर्व ऐसा ही एक पड़ धराशाई हो गया और इसके तले खड़ा एक शख्स असमय ही काल के गाल में समा गया। अब लोगों ने इस मुद्दे को सोशल मीडिया पर छेड़ा है। सड़क को घेरे पेड़ों की शाखाओं की फोटो तेजी से अपलोड की जा रही है।
सोशल मीडिया यूजर्स ने लिखा है- खरगोन से घुघरियाखेड़ी के बीच तक सड़क के किनारे कई कमजोर पेड़ खड़े हैं। यह पेड़ बारिश व हवा में कभी भी गिर सकते हैं।यूजर्स ने प्रशासन से मांग की है कि इस ओर ध्यान दें और ऐसे पेड़ों को चिन्हित कर उनकी छटनी कराई जाए। पोस्ट में उन्होंने मगरिया फाटे पर हुए हादसे का भी जिक्र किया है। उन्होंने यह भी लिखा है कि यह पोस्ट जनहित में अपलोड की गई है। कमेंट्स बॉक्स में कई लोगों ने इस पहल पर जोर दिया और इसे सही भी ठहराया है।
मेंटेनेंस के नाम पर शहर में कटाई, मुख्य मार्गों पर कोई नहीं जाता
एमपीईबी मेंटेनेंस के नाम पर वर्षभर शहरों में पेड़ों पर कैची चलाती है लेकिन शहर को जोडऩे वाले मार्गों की सूध कोई नहीं लेता। खंडवा वड़ोदरा राजमार्ग के अलावा कई ऐसे रास्ते हैं जहां इस तरह की परेशानियां है। क्षेत्रवासियों ने अन्य मार्गों का भी सर्वे कराकर सड़क के किनारे खड़े पेड़ों की छटनी की मांग उठाई है। इस रोड पर एमपीआरडीसी के अधीनस्थ भीकनगांव के पास टोल नाका बनाकर मेंटनेंस के लिए वाहन चालकों से शुल्क भी वसूला जा रहा है। पेड़ों की कटाई-छटाई पर कोई ध्यान नहीं दिया जा रहा।
खंडवा बड़ोदरा राजमार्ग पर यदि इस तरह की परेशानी है तो उसे दिखवाते हैं। टीएल बैठक में बात रखेंगे। समाधान कराएंगे।
-सत्येंद्र प्रतापसिंह, एसडीएम खरगोन
Published on:
13 Sept 2020 03:15 pm
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