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मौसम विभाग की भविष्यवाणी-25 जून के बाद मानसून दे सकता है दस्तक

पिछले साल 20 जून को आया था, किसानों को बेसब्री से इंतजार, विशेषज्ञ बोले- विलंब के बावजूद शुरुआती दिनों में जोरदार बारिश की संभावना

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खरगोन

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Hemant Jat

Jun 22, 2023

खरगोन.
प्रदेश सहित निमाड़ अंचल में गर्मी और उसम से लोग आमजन हालाकान है। वहीं मानसून का सभी दूर बेसब्री से इंतजार हो रहा है। सबसे ज्यादा चिंता में किसान है, जो बारिश के आगमन के पूर्व बुआई की पूरी तैयार कर चुके हैं। जानकारों की मानें तो पश्चिमी चक्रवात एक्टिव होने से मानसून की उम्मीद बंधी है। संभावना जताई जा रही है कि यह प्रदेश में 24-25 जून को प्रवेश कर सकता है। वहीं पिछले एक दशक में मानसून के आने की बात कही जाए तो केवल तीन बार ही समय पर आया है। बाकी वर्षों में मानसून ने हमेशा धोखा दिया है। मौसम वैज्ञानिकों के अनुसार इस वर्ष मानसून 25 जून के बाद आ सकता है। यह थोड़ा लेट जरूरी हुआ है, किंतु शुरुआती दौर में अच्छी बारिश की संभावना बनी है।

चार लाख हेक्टेयर में बुआई

खरीफ सीजन में बोवनी बारिश पर निर्भर होती है। इसलिए मानसून को लेकर इंतजार बना हुआ है। कृषि विभाग से प्राप्त आंकड़ों के अनुसार जिले में लगभग चार लाख हेक्टेयर में खरीफ फसलों की बुआई होती है। इसमें दो लाख हेक्टेयर रकबा कपास और 70 हजार हेक्टेयर में सोयाबीन सहित मिर्च, मक्का सहित दलहनी फसलें शामिल हैं। ग्रीष्मकालीन कपास को छोडक़र अन्य सभी फसलों की बुआई बारिश आने के बाद होती है।

प्री-मानसून एक्टिव, दो दिन से बादल

मासूम विभाग भोपाल से मिली जानकारी के अनुसार प्रदेशभर में प्री-मानसून एक्टिव होने के बाद अगल-अलग जिलों में बारिश हो रही है। वहीं निमाड़ अंचल में दो दिन से बादल छाए हैं। जिससे भीषण गर्मी से कुछ हद तक राहत मिली है। खरगोन और बड़वानी जिले में मौसम की स्थिति एक जैसी है। यहां अगले सप्ताह में बारिश की संभावना जताई जा रही है।

2013 और 2020 मेंं हुई जोरदार बारिश

क्षेत्र में बारिश का आंकड़ा यूं तो साल-दर साल कम होता जा रहा है। वहीं 2013 और 2020 में मानसून ने समय पर आकर चौका दिया। इसके पूर्व 2007 में सर्वाधिक 1030 (41 इंच ) बारिश हुई थीं। वहीं पिछले साल 705.5 मिमी लगभग 28 इंच बारिश हुई थी।

ऐसे समझे बारिश की स्थिति को

मौसम वैज्ञानिकों की मानें तो प्रदेश में मानसून के आने के दो प्रमुख रूट है। पहला मार्ग पश्चिम बंगाल और दूसरा अरब सागर से आता है। सिस्टम सक्रिय होने के उपरांत ठंडी हवाएं अपने साथ बारिश लेकर आती है। केरल के बाद हवा की रफ्तार तेज होने पर मानसून आगे बढ़ता है।

2012 से 2021 तक सालाना वर्षा

वर्ष कुल बारिश
2011-12 792.7
2012-13 807.4
2013-14 874.9
2014-15 804.5
2015-16 512.0
2016-17 664.2
2017-18 744.2
2018-19 604.3
2019-2020 159.1
2020-21 811.8
2021-22 705.5

25 जून के बाद

दो चक्रवात इस समय एक्टिव हुए है, जिससे मप्र में मानसून के दस्तक देने की उम्मीद है। 25 जून या उसके बाद प्रदेश में मानसून के आगमन के साथ बारिश के संभावना है।

पीके शाह, निदेशक मौसम विभाग भोपाल