
सोलर पंप से खेत में सिंचाई करते किसान
खरगोन.
जिले के सुदूर पहाड़ी क्षेत्रों में बिजली नहीं पहुंचने से लोगों के जीवन में भी अंधेरा छाया हुआ था। कोई सपने भी नहीं सोच सकता था कि यहां के किसानों बिना बिजली के सिंचाई फसल उगा सकते हैं। यह चत्मकार हुआ है किसानों के दृढ संकल्प से। जिले के झिरन्या तहसील में सोलर पंप लगाकर किसानों द्वारा खेतों में सिंचाई कर गेहूं, चना सहित अन्य फसलें उगाई जा रही है। जिससे अब किसानों के जीवन में खुशहाली आई है। झिरन्या व भगवानपुरा तहसील के आठ सौ से ज्यादा किसानों के खेतों में सोलर पेनल से मोटर पंप चलाकर सिंचाई हो रही। इस तकनीक को अपनाने से किसानों को हर महीने बिजली पर होने वाले खर्च के साथ ही रात्रि में सिंचाई की समस्या से भी छूटकार मिल सकता है।
2014 में पहला प्रयोग, कई किसानों ने अपनाया
कृषि विभाग और आत्मा परियोजना के संयुक्त प्रयासों से खेती में नवाचार का प्रयोग किए जा रहे हैं। इसी क्रम में 2014-15 में सोलर पंप से सिंचाई की सबसे पहली शुरुआत झिरन्या तहसील के कोठा बुजुर्ग के किसान पन्नालाल छतरसिंह ने की। पन्नालाल बताते है कि सोलर पेनल लगाने के बाद पांच हार्स पॉवर मोटर पंप 12 घंटे चल रही है। इससे वह अपने खेतों में परपंरागत फसलों के साथ ही आमरुद, स्ट्राबेरी जैसे फल पैदा कर रहे हैं। उनसे प्रेरणा लेकर अब तक आठ सौ से ज्यादा किसान इस तकनीक को अपना चुके हैं।
आदिवासी अंचल के आधुनिक भारत की तस्वीर
पत्रिका टीम ने आदिवासी अंचल का दौरा किया। इनमें मलगांव, कोठा बुजुर्ग, काकोड़ा, कुंडी, बोरवाल, पाड्ल्या, छेंडिय़ा अंजन, गाडग्यांव, बलोना, खड़किया नदी, हरंणकुंडिया, कोटबेड़ा, रायल बेड़ा, धूपा, मांडवा भट्टी , सत्ता पीपरी, रंधा-बुंधा, साकड़ आदि जगह खेतों में सौर ऊर्जा से चलने वाले सोलर पंप लगे नजर आए। ग्रामीणों ने बताया कि अभी तक उनके यहां सिंगल फेज बिजली ठीक से नहीं पहुंची। फिर भी सोलर पंप के जरिए वह खेती करते हुए मनसंपद फसलें ले रहे हैं।
सरकार दे रही अनुदान, किसान लें लाभ
मुख्यमंत्री सोलर पंप योजना के तहत किसानों को खेतों में सौर ऊर्जा से चलित यूनिट लगाने के लिए अनुदान भी दिया जा रहा है। इसमें तीन हार्स पॉवर के लिए किसान को सिर्फ 36 हजार का अंशदान अपने पास से देना है। जबकि साढ़े तीन लाख अनुदान मिलता है। इसी प्रकार पांच हार्स पॉवर पंप के लिए सोलर यूनिट पर 72 हजार किसान को देना है और 85 प्रतिशत राशि अनुदान के रूप में सरकार देती है।
ऐसे होता है फायदा
अधिकारियों ने बताया कि सूरज की पहली किरण निकलने के साथ ही सौर पंप काम करना शुरू कर देता है, जो सूरज ढलते तक चलता है। वर्तमान में रबी सीजन और फिर गर्मी के दिनों में भरपूर पंप पूरी क्षमता के साथ पानी खींचने में सक्षम है।
समय और पैसों की बचत
मुख्यमंत्री सौर ऊर्जा योजना के तहत सोलर पंप यूनिट लगाने पर अनुदान की पात्रता है। झिरन्या ब्लॉक में कई किसानों ने इस तकनीक को अपना कर सराहनीय कार्य किया है। जिससे समय और पैसों की बचत हुई है।
एमएल चौहान, उप संचालक कृषि विभाग खरगोन
Published on:
28 Jan 2023 12:04 pm
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