बड़वाह/ खरगोन.
बड़वाह थाना क्षेत्र के ग्राम आगरवाड़ा में एक दिल दहला देने वाली घटना सामने आई है। जहां एक बुजुर्ग ने अपने बेटे की चाकू मारकर हत्या कर दी। हत्या के बाद आरोपी थाने पहुंचा और पुलिस से बोला- मैंने उसे मार दिया। अब आप भले ही मुझे फांसी पर चढ़ा दो। मैं मरने को तैयार हूं। बेटा पिछले 10 साल से मुझे जान से मारने की कोशिश कर रहा था। उक्तघटना क्रम बुधवार दोपहर 12.30 बजे के लगभग का है। बड़वाह से 5 किलोमीटर दूर आगरवाड़ा में पारिवारिक विवाद के चलते आरोपी छतर सिंह पिता हीरालाल (77) ने अपने ही 40 वर्षीय बेटे राकेश की हत्या कर दी। इसके बाद खून से सने कपड़ों में वह बड़वाह थाने पहुंचा और सरेंडर दिया। राकेश को बड़वाह सिविल अस्पताल लाया गया। जहां उसने उपचार के दौरान मौत हो गई। डॉ. महेश जारवाल के मुताबिक चाकू पेट के ठीक ऊपर बीच में लगा है, जो काफी अंदर तक लगा। लेकिन वास्तविक स्थिति पोस्टमॉर्टम के बाद ही पता चलेगी। घटना के बाद थाना प्रभारी भी दल-बल के साथ ग्राम आगरवाड़ा पहुंचे।
बाप-बेटे के बीच विवाद
छतर सिंह का अपनी पत्नी से विवाद हो रहा था। इस दौरान उसका बेटा राकेश आ गया तो उससे भी कहासुनी होने लगी। इसी बीच छतर सिंह ने राकेश के पेट पर चाकू मार दिया। बेटे को खून से लथपथ देख छतर सिंह की पत्नी कुसुमबाई ने पड़ोसियों को आवाज लगाई। वहीं आरोपी छतरसिंह मौके से चला गया। इसके तत्काल बाद गंभीर रूप से घायल राकेश को ग्रामीण सिविल अस्पताल लेकर पहुंचे। जहां प्राथमिक उपचार के दौरान ही राकेश ने दम तोड़ दिया।
हाथ और गर्दन पर चोंटें
हत्या के बाद थाने पहुंचे छतर सिंह को पुलिस अस्पताल लेकर पहुंची। उसके भी हाथ और गर्दन पर कट के निशान हैं। वहीं उसे चेहरे पर काफी सूजन है। हत्या के बाद अपने बेटे को खो चुकी बुजुर्ग मां ने पुलिस थाने में अपने पति के खिलाफ हत्या का प्रकरण दर्ज कराया है। जबकि अपने बेटे की हत्या करने वाले पिता को अपने किए का कोई अफसोस नजर नहीं आया। वह अस्पताल में कहता दिखाई दिया कि मैं झूठ नहीं बोलूंगा। चाहे तो आप मुझे फांसी पर चढ़ा दें ।मेरा बेटा मुझे 10 साल से जान से मारने की कोशिश कर रहा था। आरोपी का कहना था कि यदि मैं ऐसा नहीं करता है, तो बेटा एक दिन मुझे मार डालता।
बिस्तर के नीचे चाकू रखकर सोता था
जानकारी के मुताबिक छतरसिंह का पत्नी से चरित्र शंका को लेकर अक्सर विवाद होता रहता था। बुधवार सुबह भी दोनों के बीच विवाद हो रहा था। तभी राकेश वहां आया। उसने मां से विवाद नहीं करने के लिए कहा था। इस पर छतरसिंह बेकाबू हो गया और दोनों के बीच की बहस मारपीट में तब्दील हो गई। दोनों ने एक-दूसरे के साथ पहले हाथापाई की। उसके बाद मौका पाकर छतरसिंह ने राकेश के पेट में चाकू घोंप दिया। बताया जा रहा है कि छतरसिंह चाकू अपने बिस्तर के तकिए के नीचे रखकर ही सोता था। पुलिस ने पत्नी कुसुमबाई की शिकायत पर हत्या का मुकदमा दर्ज किया है। आरोपी को हिरासत में ले लिया गया है।