
नीलकंठेश्वर महादेव मंदिर मेे विधुत सज्जा की गई
खरगोन शिवनवरात्रि पाटोत्सव के निमित्त परंपरानुसार शुक्रवार को गांधीनगर स्थित भगवान महामृत्युंजय महादेव की भव्य पालकी यात्रा धूमधाम से निकलेगी। इसी के साथ टैगोर पार्क स्थित श्री नीलकंठेश्वर महादेव मंदिर से भी शिव की बारात निकलेगी। एक दर्जन से अधिक सेवा स्टॉल पर भगवान को भोग लगाकर शिवभक्तों का स्वागत होगा। महामृत्युंजय मंदिर समिति अध्यक्ष शंकरलाल गुप्ता ने बताया महाशिवरात्रि पर ढोल-ताशे, बाजे-गाजे के साथ भगवान महामृत्युंजय महादेव की पालकी यात्रा निकाली जाएगी। यात्रा महामृत्युंजय धाम से शुरू होकर आयकर कार्यालय, बिस्टान नाका, रुद्रेश्वर मंदिर, शास्त्रीनगर रुद्रेश्वर कॉलोनी से गांधीनगर में भ्रमण करते हुए पुन: महामृत्युंजयधाम लौटेगी। गणेश किराना द्वारा शीतल पेय, पंकज परिहार स्नेह मंडल द्वारा साबूदाना खिचड़ी, सागोरे ब्रदर्स द्वारा पुष्पवर्षा, मयूर लेवारिकर मित्र मंडल द्वारा फल-फ्रूट, त्रिवेदी परिवार फलहारी व्यंजन एवं बाबा मित्र मंडल, लक्ष्मण इंगले मित्र मंडल, डॉ. संतोष यादव मित्र मंडल, अनिल कुशवाह मित्र मंडल, सचिन गुप्ता मित्र मंडल, तिरुपति बालाजी भक्त मंडल ट्रस्ट व कुलदीप सक्सेना परिवार द्वारा सेवा स्टॉल लगाकर शिव बरातियों का स्वागत किया जाएगा। श्री महामृत्युंजय महादेव मंदिर समिति, मातृशक्ति संगठन और हरिओम मित्रमंडल ने सनातन धर्मावलंबियों से आयोजन में पधारकर पुण्यार्जन का अनुरोध किया है।
अभिषेक के बाद निकलेगी महादेव की बारात
महाशिवरात्रि पर टैगोर पार्क स्थित श्री नीलकंठेश्वर महादेव मंदिर से भी शिव की बारात निकलेगी। इसके पूर्व भगवान का अभिषेक होगा। महांकाल सेवा समिति के अध्यक्ष राजेश वर्मा ने बताया सुबह 10 बजे नीलकंठेश्वर महादेव मंदिर से बारात निकलेगी।
117 साल बना दुर्लभ योग
ज्योतिषाचार्य पं. अरविंद डोंगरे के अनुसार इस बार शिवरात्रि पर 117 साल बाद शनि और शुक्र का दुर्लभ योग बन रहा है। इस साल शिवरात्रि पर शनि अपनी स्वयं की राशि मकर में और शुक्र ग्रह अपनी उच्च राशि मीन में रहेगा। ये एक दुर्लभ योग है। इसके पहले 25 फरवरी 1903 को यह योग बना था। इस साल गुरु भी अपनी स्वराशि धनु राशि में स्थित है।
फलाहारी खिचड़ी का लगेगा भोग, मंदिर शिखर पर चढ़ेगी ध्वजा
नगर के भावसार मोहल्ला स्थित अधिष्ठाता भगवान सिद्धनाथ महादेव मंदिर में महाशिवरात्रि पर शुक्रवार को सुबह से दर्शन, पूजन-अभिषेक के लिए श्रद्धालुओं का तांता लगेगा। दोपहर 12 बजे मंदिर स्थापनकर्ता मल्लीवाल परिवार द्वारा मंदिर के शिखर पर नवीन ध्वजा चढ़ाई जाएगी। शाम सात बजे रूद्राक्ष मित्र मंडल द्वारा अधिष्ठाता भगवान सिद्धनाथ महादेव का अभिषेक व पूजन किया जाएगा। रात्रि 9 बजे महाआरती होगी। मंदिर समिति अध्यक्ष नीलेश भावसार ने श्रद्धालुओं से धर्मलाभ लेने का आह्वान किया है।
इन शिवालयों में उमड़ेगा आस्था का सैलाब
महाशिवरात्री पर यूं तो हर शिव मंदिर में पूजन.अर्चन का दौर चलेगा, लेकिन शहर के कसरावद रोड स्थित त्रिवेणी संगम पर विराजित मेलडेरेश्वर महादेव, शहर के अधिष्ठाता देव सिद्धनाथ, डीआरपी स्थित नीलकंठेश्वर, जैतापुर स्थित ऋणमुक्तेश्वर, औरंगपुरा स्थित बडघाटेश्वर यह अतिप्राचीन शिवालय शहरवासियों की आस्था के प्रमुख केंद्र बिंदू होंगे। इनके अलावा सतपुड़ा की तलहटियों मेें बसे नन्हेश्वर महादेव, सिरवेल महादेव, बिजागढ़ महादेव मंदिर में हजारों की सं या में श्रद्धालू दर्शन के लिए पहुंचते है।
Published on:
21 Feb 2020 06:02 am
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