खरगोन.
जिले के आदिवासी अंचल में शुक्रवार सुबह तेंदुए ने एक ग्रामीण पर हमला कर दिया। जिसके बाद ग्रामीणों ने इकट्ठा होकर लाठी-पत्थरों से तेंदुए को ही मार डाला। यह घटना झिरन्या तहसील मुख्यालय से ७ किमी दूर ग्राम नानकोड़ी की है। जानकारी के अनुसार गुरुवार तडक़े मुकेश पिता मुंशी शौच के लिए जंगल में गया था। इसी दौरान तेंदुए ने उस पर हमला कर दिया। जिसके शोर मचाने पर ग्रामीण दौडक़र पहुंचे। जिन्होंने लाठी-पत्थरों से मादा तेंदुए की जान ने ली। उक्त घटना की सूचना मिलने पर चैनपुर थाने सहित वन विभाग का अमला मौके पर पहुंचा। वहीं घायल मुकेश को खरगोन रेफर किया गया है। ग्रामीणों का आरोप है कि पूर्व में भी ऐसे हमले जंगली जनवरों द्वारा किए गए। जिसमें शासन-प्रशासन की लापरवाही के चलते कुछ लोगों की जान जा चुकी है।
घटनास्थल पर लगी भीड़
मृतक मादा तेंदुए की उम्र करीब एक साल बताई जा रही है। घटना के चलते ग्रामीणों की भारी भीड़ लग गई। वहीं सूचना पर वन विभाग कर्मचारी भी घटनास्थल पर पहुंचे। जिन्होंने तेंदुए के मादा होने की पुष्टि की। जिसके बाद वेटनरी डॉक्टरों की मदद से पीएम की कार्रवाई की जाना है।
बाघ के हमले में जा चुकी है युवक की जान
ग्रामीणों ने बताया कि चार महीने पूर्व ग्राम गवला में बाघ ने एक युवक पर हमला कर दिया था। जिसकी दो दिन बाद मौ हो गई थी। क्षेत्र में लगातार इस तरह के जंगली जानवरों के हमले से ग्रामीण भी भयभीत है। उधर, वन अमले के स्थानीय कर्मचारियों ने बताया कि गर्मी में प्यास लगने पर पानी की तलाश में वन्य जीव आसपास तालाब और पेड़ होने से गांव की ओर चले आते हैं।