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अनुराधा सीड्स पर एफआइआर के लिए घमासान

किसान कार्रवाई के लिए थाने के बाहर डटे, विभाग लीपापोती में जुटा

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खरगोन

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Amit Onker

May 17, 2022

bhartiya kisan sangh

अंधेरा होने तक किसानों के साथ पुलिस अधिकारियों की चर्चा चलती रही।

खरगोन/ भीकनगांव. जिले में मिर्च के बीज का अवैध तरीके से करोबार कर रही महाराष्ट्र की बीज कंपनी अनुराधा सीड्स कार्रवाई के लिए किसानों ने अपना विरोध बढ़ा दिया है। बिना बिल और लाइसेंस के बीज बेच रही कंपनी के खिलाफ किसानों ने मंगलवार को हंगामेदार प्रदर्शन किया। भाकिसं के बैनर तले जिला और तहसील के पदाधिकारियों ने भीकनगांव में उद्यानिकी विभाग कार्यालय का घेराव किया। धरना दिया, सुबह साढ़े 11 बजे धरना शुरू हुआ। जिसकी जानकारी मिलते ही विभाग से उप संचालक मोहन मुजाल्दा व एसडीओपी भीकनगांव पहुंचे। किसानों से अलग-अलग दौर की चर्चा हुई, लेकिन किसान कंपनी पर एफआइआर से कम में मानने का तैयार नहीं हुए।


ऐसे चल रही बचाव की कोशिश
इधर विभाग कंपनी पर कार्रवाई को लेकर उद्यानिकी विभाग बार-बार अपना स्टैंड बदल रहा है। विभाग ने 13 मई पहला और फिर 17 मई को दूसरा आवेदन दिया, इसके बीच 16 मई को कंपनी पर 500 रुपए का जुर्माना लगाकार लीपापोती की कोशिश हुई, लेकिन किसानों को जब जानकारी मिली तो वे और उग्र हो गए। एक दिन पूर्व अधिकारियों ने कंपनी के दस्तावेज को वैध करार दिया था, अब किसानों का विरोध बढ़ता देख उन्होंने एफआइआर के लिए पत्र दिया है।
धरना स्थल पर किसान संघ के प्रदेश, जिला और तहसील स्तर के पदाधिकारी शामिल हुए। संघ जिलाध्यक्ष पाटीदार ने बताया कि कंपनी अमानक बीज बेचकर किसानों को ठग रही है। ऐसा लगता है कि अधिकारी कंपनी का पक्ष लेकर बचाने में लगे हंै, इसमें अधिकारियों की भी मिलीभगत हो सकती है। अब किसान चुप बैठने वालों में से नहीं है। इस बात को लेकर उग्र आंदोलन करेंगे।


पिछले साल से चल रहा कारोबार
किसान संघ से जुड़े सूत्रों के मुताबिक अनुराधा सीड्स कंपनी का संचालन बुलढाणा महाराष्ट्र से होता है। कंपनी के पास महाराष्ट्र में कारोबार का लाइसेंस है, भारत सरकार द्वारा जारी ऑफिस मेमोरेंडम एवं प्लॉट ब्रीडर की अनुमति है। इसी आधार पर कंपनी ने पिछले साल भी निमाड़ क्षेत्र में किसानों को ट्रायल प्लॉट के नाम पर बीज बेचा और जब उत्पादन ठीक हुआ, तो कंपनी ने मप्र में बिना लाइसेंस के निमाड़ में बीज बेचना शुरू कर दिया। यह कारोबार बिना लाइसेंस हो रहा था। जिसका भांडाफोड़ किसानों की सजगता से हुआ।


पैसे देकर चुप कराने का काम
संघ के संभागीय अध्यक्ष श्याम पंवार ने बताया कि कंपनी के कर्मचारियों द्वारा किसानों को लालच देकर 100-100 ग्राम बीज के बदले एक-एक हजार रुपए लिए। अब रुपए वापस देकर किसानों को चुप कराने की कोशिश हो रही है। इस दौरान प्रदेश उपाध्यक्ष दिनेश पाटीदार, मंत्री मुकेश पटेल, तहसील अध्यक्ष नितेशसिंह सहित श्यामलाल शोभाराम, राजू बाबुलाल, जयनाराण पटेल सभी चिरागपुरा, रामदास नारायण, राधेश्याम सखराम, किरसिंह जोगीलाल, शांतिलाल ओंकार, नारायण धन्नालाल आदि मौजूद थे।


विभाग की ओर से लिखित आवेदन प्राप्त हुआ है। कार्रवाई के लिए वरिष्ठ अधिकारियों से मार्गदर्शन मांगा है। पीडि़त किसानों के बयान और जरूरी दस्तावेज मांगे है। जिसके आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।
मनोहरसिंह गवली, एसडीओपी