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सेल्दा पॉवर प्लांट तक पहली बार कोयला लेकर पहुंची ट्रेन

अच्छी खबर...36 किमी का ट्रैक दो साल में बनकर हुआ तैयार, शनिवार को हुआ ट्रायल, ग्रामीणों ने किया जोरदार स्वागत, एनटीपीसी के अधिकारी भी रहे मौजूद

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खरगोन

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Hemant Jat

Jun 29, 2019

Selda Power Plant News

कोयला लेकर आई ट्रेन

खरगोन.
रेल की छुक-छुक...पटरी पर दौड़ता इंजन और उसके पीछे कोयले से लदे डिब्बे। यह नजारा देखकर शनिवार को देखकर ग्रामीण खुशी से झूम उठे। सनावद क्षेत्र के सेल्दा पॉवर प्लांट में बिजली उत्पादन के लिए पहली बार ट्रेन से कोयला लाया गया। इसका ट्रायल शनिवार को हुआ और दो साल की मेहनत साकार हुई। खरगोन जिले में यह पहला विद्युत तापगृह है, जहां कोयले से 1320 मेगावॉट बिजली का उत्पादन किया जाएगा। प्लांट शुरू करने के लिए कोयले की आपूर्ति के लिए निमाडख़ेड़ी से सेल्दा के बीच एनटीपीसी द्वारा रेलवे लाइन डाली गई है। जिसकी मदद से प्लांट तक कोयला पहुंचेगा। शनिवार को ट्रायल के साथ कोयले से भरी मालगाड़ी पहली बार सेल्दा प्लांट तक पहुंची। इस मौके पर एनटीपीसी के महाप्रबंधक साहू, एचआर प्रमुख जयप्रकाश सत्यकाम, पूर्वएचआर कनहैया दास, रहमान, अपर महाप्रबंधक सहित एनटीपीसी का स्टाफ मौजूद था ।

36 किमी का बनाया ट्रैक
निमाडख़ेड़ी से सेल्दा प्लांट तक कोयले की आपूर्ति के लिए ३६ किमी का रेलवे ट्रैक बनाया गया है। इसके लिए दो सालों तक लगातार काम चला। एनटीपीसी अधिकारियों के मुताबिक ट्रायल के बाद निर्बाध रूप से कोयले लाने के लिए मालगाड़ी चलती रहेगी। शनिवार को इंजन मालगाड़ी को खींचते हुए सेल्दा पहुंचा। इस दौरान इसकी रफ्तार 20 किमी प्रति घंटा थी। इंजन सहित ट्रेन को देखने के लिए रास्तेभर ग्रामीणों का हुजूम उमड़ा।

132 मेगावॉट की दो इकाइयां
सेल्दा प्लांट में बिजली उत्पादन के लिए दो इकाइयों बनकर तैयार हो चुकी है। अधिकारिक सूत्रों के मुताबिक प्लांट से 1320 मेगावॉट बिजली का उत्पादन होगा। इसके लिए झारखंड सहित अन्य स्थानों से कोयला ट्रेन के माध्यम से पहले खंडवा (निमाडख़ेड़ी) और फिर सेल्दा तक पहुंचेगा।