
तप करते नारायण दास महाराज
खरगोन.
निमाड़ की भीषण गर्मी में जब तापमान 40 डिग्री के ऊपर हो, तो लोगों का घर के अंदर सुकून से बैठना मुश्किल है। ऐसे समय में संत की कठोर तपस्या की यह तस्वीर आपकों को हैरान कर सकती है। बड़वाह के निकट नावघाट खेडी स्थित मां नर्मदा के उत्तर तट पर सुंदरधाम आश्रम में संतों की कोठ खप्पर धुनी तपस्या शुरू हुई । इस अवसर पर उपस्थित विद्वान पंडित ने बालकदास महाराज एवं अन्य संतों से विधि-विधान पूर्वक पूजा-अर्चना करवाई। इसके पश्चात हवन एवं प्रसादी का आयोजन सम्पन्न हुआ। श्रीश्री 108 नारायण दास महाराज ने बताया की कोठ खप्पर तपस्या बंसत पंचमी से प्रारंभ होकर गंगा दशहरे तक चौमासा चलती है। जिसमें प्रतिदिन तपती धूम के बीच दोपहर 12 से 3 बजे तक बालकदास महाराज सहित उनके सानिध्य में 11 संत अलग-अलग जलते कंडों का घेरा बनाकर बीच में बैठ कर अपने सिर पर भी जलता हुआ। खप्पर रखकर जप तप करते हुए ईश्वर की आराधना करते है।
63 वर्षों से अनूठी तपस्या
सुंदरधाम आश्रम डेहरिया की परम्परा ब्रह्मलीन संत सुन्दरदास महाराज के समय से चली आ रही है। स्वयं ब्रह्मलीन संत सुन्दरदास महाराज ने यह तप 63 वर्षो तक किया था । वर्तमान में गादी पति महंत बालकदास महाराज द्वारा यह कठोर कोठ खप्पर तप 41 वर्षो से निरंतर करते आ रहे हैं ।
चार महीने तप
यह तप बसंत पंचमी से प्रारंभ होकर गंगा दशमी तक चार माह तक चलता है । पश्च्यात गंगा दशहरे पर विष्णु महायज्ञ की पूर्ण आहुति के साथ समापन होता है। तप का उद्देश्य विश्व में सुख शांति समृद्धि बनी रहने का है । कायक्रम में प्रमुख रूप से आश्रम से जुड़े भक्त पूर्व नपा अध्यक्ष प्रीति अनिल रॉय, राजेश राठौर सहित भारी संख्या में भक्तगण मौजूद थे।
Published on:
16 Jun 2021 08:50 pm
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