खरगोन.
शहर इन दिनों आवारा कुत्तों के आतंक से परेशान है। कुत्ते भी ऐसे जो वाहनों के पीछे और राहगीरों सहित गलियों में घुमते बच्चों पर भी अमला कर रहे हैं। शहर के विभिन्न मोहल्लों में आवारा कुत्तों का आतंक इस कदर बढ़ गया कि लोगों का घर से बाहर निकलना दूभर हो गया है। कई मोहल्लों में आवारा कुत्ते छोटे बच्चों को काट कर घायल कर चुके हैं। इसके बाद भी नगर पालिका ने इन कुत्तों से लोगों को राहत दिलाने की फिलहाल कोई पहल नहीं की है। इससे लोगो मे नाराजगी देखी जा रही है। रविवार को आवारा कुत्तों ने 5 बच्चों पर हमला कर जख्मी कर दिया।
घायल बच्चों का इलाज कराने के लिए परिजन उन्हें एक के बाद एक जिला अस्पताल लेकर पहुंचे। अस्पताल से मिली जानकारी अनुसार शनिवार रात भावसार मोहल्ला से एक बच्चे और रविवार सुबह मोतीपुरा क्षेत्र से 2 बच्चे, एक बालक ओर एक युवक को अलग, अलग समय पर कुत्ते के काटने से जख्मी हालत में लाए। जहां उपचार जारी है। भावसार मोहल्ला निवासी सुधीर भावसार ने बताया शनिवार रात उनका बेटा सायकल चला रहा था, इसी दौरान कुत्ता अचानक दौड़ लगाते हुए आया और बेटे पर हमला कर दिया। उसे बचाने पहुंचे तब तक कुत्ते ने बेटे के सिर, कमर, हाथ और पर काट कर जख्मी कर दिया। अचानक कुत्तों के हमले के भय से छोटे बच्चों का बाहर खेलना भी बंद हो गया है। कई अभिभावक अपने बच्चों को कुत्तों के भय से स्कूल भेजने में भी चिंतित रहते हैं। बच्चों को साथ लाते वक्त हाथ में डंडा होने के बाद भी चेहरों पर भय की लकीरें स्पष्ट दिखाई पउ़ती हैं। पिछले कई दिनो से कालोनियों, बस्तियों में कुत्तों के हमले की घटनाएं सामने आ चुकी है। रहवासी नपा से कुत्तों को पकडऩे का अभियान चलाकर इनके आतंक से लोगों को बचाने की मांग कर रहे हैं।
नपा के पास संसाधन फिर भी कार्रवाई में कटौती
नपा से मिली जानकारी के अनुसार शहर में कुत्ते पकडऩे का पिंजरा और कर्मचारी है,बावजूद इसके कार्रवाई करने में कौताही बरती जा रही है। जब जब शिकायतें होती है नपा दो, चार दिन कार्रवाई कर अपने काम की इतिश्री कर लेती है। रहवासियों ने बताया आलम यह है कि शाम ढलते ही आवारा कुत्तों का झंूड शहर में निकलता है और गली-मोहल्लों में खेल रहे बच्चों सहित वाहन चालकों पर लपकता है।