खरगोन.
जिले में बीते दो दिनों से हो रही बेमौसम बरसात से गर्मी तो छटी लेकिन किसानों के लिए कहर भी बरपा है। आसमान से केवल पानी ही नहीं बरसे, ओलों की बरसात ने किसानों की किस्मत धोकर रख दी। अब बर्बाद फसलों को देखकर सिवाय रोने के किसानों के पास कोई विकल्प नहीं बचा है। अंधाधंूध चली आंधी और ओले-पानी की बारिश थमी तो बर्बादी की निशां देखकर हर कोई दंग रह गया। जिन खेतों से उपज निकलना थी वहां पानी भरा देख किसान दो-दो आंख से खून के आंसू रो रहा है। जिस सुपड़ी में दाना भरना था उसमे ओले भरकर किसान ने खुद की किस्मत को कोसा।
जिले के झिरन्या, भगवानपुराए भीकनगांव, खरगोन ब्लाक के कई गांवों में तेज हवा के साथ बारिश हुई। जिससे फसलें बुरी तरह प्रभावित हुईं। गेहूं और चने की फसल आड़ी होकर खेतों में चादर की तरह बीच गईं। खेतों में जमा पानी के बीच कटे गेहंू तिनके की तरह तैरते नजर आए।
सडक़े ओलों से पटी, ऐसा लगा जैसे सफेद चादर ओढ़ी हो
बारिश के दौरान जो तस्वीरें सामने आई वह चौकाने वाली थी। सामान्य तौर पर जिस इलामें मानसून भी इतना नहीं बरसता वहां मेघ ऐसे फटे कि किसानों की किस्मत भी फेर दी। सडक़ों पर जमा ओलों की परत ऐसे नजर आई जैसे सडक़ सफेद चादर ओढ़े मौसम की पड़ी मार को देखना नहीं चाहती।
अच्छे उत्पादन की थी आस, चंद लम्हों ने बिगाड़ दिया गणित
किसानों ने बताया अबकि बार उपज बेहतर थी। गेहंू और चने से अच्छे उत्पादन की आस बंधी थी, लेकिन चंद लम्हों के तुफान में हमारे सपने फुर्र हो गए। कई जगहों पर पिछले एक पखवाड़े से मौसम की बेरुखी किसानों पर कहर बरपा रही है। अब तक अनुकूल मौसम के चलते अच्छे उत्पादन की आस लगाए किसानों की आंखों के सामने उनकी मेहनत पर पानी फिर गया है।
सर्वे कराएंगे
-जिले में तेज बारिश और ओलावृष्टि हुई है। नुकसानी की जांच के लिए राजस्व विभाग की टीम गठित की है। टीम गांवों में जाकर नुकसानी का आंकलन करेगी। टीम की सर्वे रिपोर्ट शासन को भेजेंगे। प्रशासन बारिश से हुई नुकसानी को लेकर अलर्ट है। -शिवराज सिंह वर्मा, कलेक्टर खरगोन