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वीडियो स्टोरी : मप्र के बिस्टान में किसान ने ऐसा तैयार किया तरबूज जिसका स्वाद पाइनापल जैसा

-आगरा के व्यापारी ने खरीदी बिस्टान की माटी में तैयार हुए पाइनापल स्वाद वाले तरबूज की उपज

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खरगोन

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Gopal Joshi

Mar 27, 2023

खरगोन.
यदि यह कहा जाए कि तरबूूज अंदर से लाल नहीं पीला होता है और इसका स्वाद में मिठास के साथ पाइनापल का टेस्ट भी आता है तो यह आपको मजाक लगेगा। लेकिन अध्याधुनिक खेती के सौपान में यह अध्याय बिस्टान क्षेत्र के किसान धन्नालाल पंडित ने जोड़ा है। जी जहां किसान पंडित ने तरबूज की ऐसी किस्म उगाई है जिसका स्वाद हर किसी को आकर्षित कर रहा है। फिलहाल तीन एकड़ रकबे में बोई उपज को आगरा के व्यापारी ने बुक करा दिया है।
सामान्य तौर पर खरगोन जिला सफेद सोना कपास व लाल सोना मिर्ची के उत्पादन में अव्वल रहा है। लेकिन अब किसानों का रुझान जैविक खेती के सहारे फल, सब्जी और फूलों की खेती की ओर भी बढ़ रहा है। बिस्टान के किसान धन्नालाल पंडित ने भी खेती में नवाचार कर तीन एकड़ रकबे में अलग-अलग तरबूज वैरायटी के लगाए हैं। सामान्य तौर पर तरबूज का स्वाद उसकी तासीर के अनुरूप मीठा ही होता है लेकिन इस उपज की खासियत यह है कि फलों से पाइनापल और कं्रची स्वाद आता है। लिहाजा अबकि बार उनकी उपज को आगरा (यूपी) के एक व्यापारी ने बुक किया है। यानी बिस्टान की माटी में तैयार हुआ तरबूज यूपी वालों के स्वाद को बढ़ाएगा।

किसानों को प्रेरित करने के लिए रखी गोष्ठी
जैविक खेती को समझने और किसानों को प्रेरित करने के लिए किसान धन्नालाल पंडित के खेत पर बागवानी खेती पर आयोजित किसान संगोष्ठी में हुई। कृषि विशेषज्ञों ने बताया की बागवानी में फल, सब्जी, फूल, मसाले सभी फसलें सम्मिलित है। इनकी मांग में तेजी आई हैै। यह फसलें कम समय में पककर तैयार हो जाती है और उत्पादन के समय से ही किसान को आर्डर मिल जाते हैं। बागवानी की कई फसलें एक बार निवेश में लंबे समय तक उत्पादन देती है।

धन्नालाल ने ऐसे तैयार की तरबूज की बागवानी
किसान पंडित ने बताया बागवानी खेती के अंतर्गत अपने खेत में 3 एकड़ रकबा में तरबूज की विभिन्न वैरायटी बोई है। उत्पादन शुरू हो गया है। गुजरात के तरबूज की वेराइटी गोल्ड के फल चमकदार और वजन छ: किलोग्राम तक है। दो अन्य विशाला और आरोही वैरायटी के तरबूज फल अलग रंग लिए हंै।इनमे एक फल बाहर से पीला और काटे जाने पर लाल निकलता है।जबकि दूसरा फल बाहर से हरा और अंदर से पीला रंग लिए है। ये पाइनापल और क्रंची स्वाद लिए हैं। तरबूज फसल पर किसान को प्रति एकड़ 40 हजार रुपए का खर्च आया है।जबकि उत्पादन दो लाख रुपए प्रति एकड़ तक होने की संभावना है।