खरगोन.
स्कूल चले हम अभियान के तहत भविष्य से भेंट कार्यक्रम की शुरुआत जिले की स्कूलों में हो चुकी है। पहले दिन कलेक्टर शिवराजसिंह वर्मा, एसपी धर्मवीरसिंह व जिला पंचायत सीईओ ज्योति शर्मा के साथ जिले के करीब 155 अफसरों ने एक दिन के लिए शिक्षक की भूमिका निभाई और स्कूल पहुंचे। उत्कृष्ट स्कूल में सुबह 10.30 बजे कलेक्टर की क्लास शुरू हुई। सभाकक्ष में कलेक्टर ने बच्चों को कई प्रेरक कहानियां, किस्से सुनाकर जीवन में आगे बढऩे की सीख दी। उन्होंने कहा- मैं खुद किसान परिवार से हंू। बचपन में बैलगाड़ी चलाई, हल जोता। तल्लीनता से पढ़ाई की और लक्ष्य साधकर मेहनत के बाद कलेक्टर बना हंू। आप भी लक्ष्य बनाए और आगे बढ़े।
अभियान के तहत एसडीओपी राकेश शुक्ला शासकीय देवी अहिल्या उमावि क्रमांक 2 में, जिला पंचायत सीईओ ज्योति शर्मा शासकीय कन्या उमावि क्रमांक 1 में बतौर शिक्षक बनकर पहुंची। बच्चों को पढ़ाई करने का आसान तरीका बताया। जिले में कुल 155 अधिकारियों ने सोमवार रूचि एवं शैक्षणिक योग्यता के अनुसार शालाओं में पढ़ाने का जिम्मा दिया गया था। यह अभियान 19 जुलाई तक चलेगा। कई स्कूलों में उन्नत किसान किसान, एनएसएस के छात्र, व्यापारी, इंजीनियर डॉक्टर, प्रशासनिक प्रोफेसर आदि भी पहुंचे और बच्चों को पढ़ाया।
जुगाड़-तुगाड़ से नहीं मेहनत से आगे बढ़े
कलेक्टर ने अपने विद्यार्थी काल का एक किस्सा बच्चों को सुनाया। उन्होंने कहा- जब वे पीएससी की परीक्षा देने पहुंचे तो सेंटर के बाहर एक चाय वाले के पास रुके। चाय वाले ने इशारे से कहा- परीक्षा में कोई जुगाड़ करू क्या। मैंने जवाब दिया- मैं जुगाड़ से नहीं अपनी मेहनत से आगे बढ़ूंगा। जब पीएससी का रिजल्ट आए तो देखना मेरा नाम टॉप में होगा। यह मेरा आत्मविश्वास और लक्ष्य प्राप्ति के प्रति द़ृढ़ संकल्प ही था जो इस मकाम तक लेकर आया है।