खरगोन.
हरे-कृष्णा संकीर्तन की गंूज। मृंदग की थाप। भक्ति में सराबोर भक्त। उत्साह और उल्लास। आस्था और श्रद्धा के यह नजारे रविवार शाम को मुख्यालय से छह किमी दूर ग्राम गोपालपुरा स्थित गोपीनाथ मंदिर परिसर में देखने को मिले। अवसर था यहां निकली भगवान जगन्नाथ की रथ यात्रा का। फूलों से सजे रथ में विराजित भगवान जगननाथ की एक झलक देखने के लिए श्रद्धालु उत्साहित दिखे। हर किसी ने रथ की डोर थामी और धर्मलाभ लिया।
मंदिर से जुड़े भक्त प्रकाश प्रजापत ने बताया यात्रा में शामिल होने के लिए मप्र ही नहीं महाराष्ट, मुंबई, वंृदावन सहित सहित अन्य प्रांतों से भी कृष्ण भक्त पहुंचे थे। अबकि बार रथ में विराजित भगवान की प्रतिमाएं जगन्नाथपुरी से स्पेशल बुलाई गई थी। यह प्रतिमाएं विशेष विमान के जरिए यहां तक लाई गई। रथ पर भी करीब 10 लाख रुपए खर्च किए गए। यात्रा की शुरुआत गोलोकधाम मुख्यद्वार से हुई और समापन मंदिर परिसर में हुआ। रथयात्रा के दौरान हरिनाम संकीर्तन की धून ने हर किसी को मंत्रमुग्ध कर दिया। आयोजन में बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं ने सहभागिता की।
सुबह से ही रहा उत्सवी माहौल
मंदिर परिसर में यात्रा को लेकर सुबह से ही उत्सवी माहौल रहा। श्रद्धालु सुबह पहुंचे और दर्शनलाभ लिया। जो लोग बाहर से आए वे दिनभर मंदिर परिसर में ही रुके। पूरा दिन तैयारियों के नाम रहा। प्रतिमाओं को विशेष पूजन, अनुष्ठान के बाद रथ में विराजित किया गया।
मिनट-टू-मिनट ऐसे चला आयोजन
-03 बजे यात्रा की शुरुआत
-06 बजे प्रसादी वितरण
-6.10 बजे शास्त्रीय नृत्य
-6.20 बजे नाटक प्रस्तुति
-07 बजे गौर आरती
-7.30 बजे नरसिंह आरती
-7.40 बजे जगन्नाथ रथयात्रा कथा