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वीडियो स्टोरी : सेन समाज ने निकाली शोभायात्रा, आराध्य सेनजी महाराज की मनाई जयंती

-धूमधाम से हुआ आयोजन, भक्ति गीतों की बही बयार

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खरगोन

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Gopal Joshi

Apr 17, 2023

खरगोन.
शहर में सोमवार को सेनजी महाराज की जयंती धूमधाम से मनाई गई। भारतीय सेन समाज के बैनर तले आयोजन हुआ। टेगौर पार्क से भव्य शोभायात्रा निकाली गई। जिसमें बड़ी संख्या में समाजजन शामिल हुए। बैंडबाजों ओर डीजे पर बज रहे भक्ति गीतों के बीच जयकारे लगाते समाजजन नजर आए। शोभायात्रा कुंदा तट स्थित सिद्धि विनायक गणेश मंदिर पहुंची। जहां महाआरती कर प्रसादी वितरण के साथ शोभायात्रा का समापन हुआ।
लहराती धर्म ध्वजाओं के बीच उत्साह चरम पर रहा। समाजजन ने बताया संत शिरोमणि सेन जी की जयंती वैशाख मास में कृष्ण पक्ष की द्वादशी को मनाई जाती है। संत सेन जी के जन्म के बारे में अलग.अलग मान्यताएं बताई गई हैं। लगभग 500 वर्ष पूर्व भारत में मध्यप्रदेश के बान्धवगढ़ में एक महान संत सेन महाराज का अवतार हुआ था। जानकारी के मुताबिक अगस्त संहिता 132 के आधार पर संत शिरोमणि सेन महाराज का जन्म विक्रम संवत 1357 में वैशाख कृष्ण.12 (द्वादशी) दिन रविवार को वृत योग तुला लग्न पूर्व भाद्रपक्ष को चन्दन्यायी के घर में हुआ था। बालपन में इनका नाम नंदा रखा गया। नंदा बचपन से ही विनम्र, दयालु और ईश्वर में दृढ विश्वास रखते थे। इनके पिता का नाम मुकन्द राय, माता का नाम जीवनी एवं पत्नी का नाम सुलखनी था। 1440 ईस्वी में इन्होंने अपनी देह को त्यागा था।

संत शिरोमणि सेन जी के उपदेश एवं धार्मिक यात्राएं
समाजजनों ने बताया महापुरुषों में शिरोमणि सेन जी महाराज का नाम विशेष रूप से उल्लेखनीय है। समकालीन भगत सेन ने श्री रामानन्द से दीक्षा ग्रहण कर तीर्थ स्थानों की यात्राएं ज्ञान उर्पाजन के लिए किया। इन तीर्थ स्थानों की यात्राओं के समय वे भेदभाव से ऊपर उठकर कई स्थानों पर प्रवचन करते और भटकी हुई मानवजाती को सत्य की राह पर लाने का प्रयास करते रहे। उन्होनें जाति व धर्म से ऊपर उठकर कार्य किए और सच्ची मानवता का संदेश दिया। समाज में फैली कुप्रथाओं की आलोचना करते और उन्हें दोष पूर्ण बताकर समाज सुधार के लिए हर संभव प्रयास करते थे।