खरगोन.
जिले के शासकीय स्कूलों, छात्रावास, आश्रमों में कार्यरत रसोइयों ने मंगलवार को मानदेय बढ़ाने सहित अन्य मांगों को लेकर कलेक्टोरेट में प्रदर्शन किया। प्रदर्शन के दौरान बड़ी संख्या में एकत्रित हुए रसोइयों के बीच मप्र लघुवेतन शा. कर्मचारी संघ के पदाधिकारी भी पहुंचे। उन्होंने जब रैली के दौरान संघ का बैनर आगे किया तो महिलाओं ने नाराजगी जताते हुए खुद अपनी समस्या कलेक्टर के सामने रखने की बात कही। इसके बाद कलेक्टर से मिलने की मांग पर नारेबाजी करते हुए करीब आधे घंटे तक मुख्य गेट पर धरना प्रदर्शन किया।
प्रदर्शन में शामिल आशा मोरे, रजनी भालसे, कुसुम परमार, पुनम शिंदे, सीमा शर्मा ने बताया वह किसी संगठन के बैनर तले नहीं बल्कि एक मजदूर के बतौर अपनी समस्या रखने पहुंचे हंै। 20 वर्षो से जनजातीय विभाग के तहत आने वाले हाईस्कूल, हायर सेकेंडरी, छात्रावास और आश्रमों में सेवाएं दे रहे हंै। रोजाना 10 से 12 घंटे काम करने के बाद महज 4950 रुपए वेतन मिल रहा है। वह भी समय पर नहीं। महंगाई के इस दौर में अल्प वेतन में काम कर परिवार का पालन. पोषण करना चुनौती है। मानदेय नियमित मिले और 7 हजार किया जाए।
जनसुनवाई में बताई समस्याएं, आएअ आवेदक
कलेक्टोरेट में हुई जनसुनवाई के दौरान पीएम आवास की शिकायत लेकर पहुंची कल्पना सोनी व संदीप गांगले की बात सुनने के बाद कलेक्टर ने नपा के आउटसोर्स कर्मचारी को जनसुनवाई में बुलाया। कल्पना के आवास स्वीकृति में लापरवाही पर फटकारा। उसे हटाने के निर्देश दिए। साथ ही सीएमओ को पीएम आवास के मामले में हुई गड़बड़ी में शामिल व्यक्तियों पर कार्रवाई करने के निर्देश दिए है। संदीप गांगले की शिकायत पर शाम तक रिपोर्ट मांगी है। जैतापुर की डोडाबाई ने पति नयनसिंघ के उपचार के लिए पेंशन स्वीकृति का आवेदन किया। महिला ने बताया पति लकवाग्रस्त है। पेंशन की राशि से हर माह दवाई का कुछ खर्च निकल जाएगा। भोजन के लिए तो वह घरों में कपड़े, बर्तन का काम करती है। पति के प्रति उपचार का भाव देखकर 10 मिनट में 5 हजार की राशि का चेक दिया।
खेत से पानी निकासी का तहसीलदार निराकरण कराएंगे
निमगुल के सुनील ने उनकी और उनकी मां के खेत में रोड की ऊंचाई अधिक हो जाने से खेत में पानी जमा होने की शिकायत की। कलेक्टर ने तहसीलदार को तुरंत नेशनल हाइवे के माध्यम से पानी निकासी कराने के निर्देश दिए हैं।