खरगोन.
जिले में कार्यरत व्यावसायिक प्रशिक्षकों को बीते 8 माह से वेतन नहीं मिला है। वेतन अभाव में आर्थिक तंगी झेल रहे प्रशिक्षको का मंगलवार को सब्र का बांध टूट गया और वेतन की मांग को लेकर कलेक्ट्रेट पहुंच गए। यहां मुख्यमंत्री के नाम ज्ञापन सौंपकर लंबित मानदेय दिलाने की मांग की। ज्ञापन के माध्यम से एक फरवरी से प्रशिक्षण कार्य बंद कर अवकाश की सूचना दी।
प्रशिक्षक राम मंडलोई, अंतिम चौहान, अंजन पाटीदार, रजनी पाटील आदि ने बताया राष्ट्रीय माध्यमिक शिक्षा अभियान द्वारा संचालित कोर्स के तहत सेवाएं दे रहे हैं। बीते 8 माह से वीटीपी प्रक्रिया के तहत होने वाला भुगतान नहीं हो रहा है। इससे जीवन निर्वाह नहीं कर पा रहे हंै। परिवार का पालन-पोषण तो ठीक विद्यालय आवागमन के लिए भी राशि नहीं है। ऐसे में कैसे व्यवसायिक शिक्षा दे सकेंगे। वेतन के न मिलने से खुद के बच्चों की पढ़ाई, भवन किराया देना मुश्किल है। कर्ज लेकर कब तक गुजारा करेंगे। प्रशिक्षको ने बताया कि वेतन जारी करने की मांग को लेकर कई बार ई.मेल, पत्राचार व दुरभाष से संपर्क किया गया लेकिन वीटीपी समन्यवक और अधिकारी संतोषजनक जवाब नहीं दे रहे हैं। वेतन अभाव में अब काम करने की शक्ति नहीं रही है। मजबूरन एक फरवरी से अवकाश पर जाने को बाध्य होंगे।
सिद्दत से किया काम, पगार भगवान भरोसे
प्रशिक्षकों ने कहा- उन्होंने काम जिम्मेदारी से किया है लेकिन इसके एवज में मिलने वाली पगार भगवान भरोसे हैं। आवेदन-निवेदन का कोई असर नहीं हो रहा। जिम्मेदारों से बात करो तो वह टालते हैं। इसी लिए अब निर्णय लिया है कि यदि रुका वेतन नहीं मिला तो एक फरवरी यानी बुधवार से अवकाश पर रहेंगे। काम से दूरी बनाएंगे।