खरगोन.
जिला मुख्यालय से करीब 40 किमी दूर झिरन्या क्षेत्र की ग्राम पंचायत पुतला के कटझिरा गांव में मन को झकझोरने वाली तस्वीर सामने आई है। जमीनी स्तर पर व्यवस्थाएं किस तरह दम भर रही है, इसकी बानगी बारिश में तिरपाल के नीचे हो रहे इस दाह संस्कार से समझी जा सकती है। यह मृतक के परिजन व ग्रामीणों ने विलाप के बीच व्यवस्थाओं को कोसा। उधर, जानकारी यह भी लगी है कि उक्त गांव में श्मशान घाट वर्ष 2011-12 में बन चुका है। इसकी इंंटी पोर्टल पर भी देखी गई।
ग्रामीणों के अनुसार पुतला पंचायल के ग्राम कटझिरा में बुधवार सुबह बुजुर्ग महिला पारू बाई छीतर भील की मौत हो गई। दाह संस्कार के लिए परिजन शव को रूपारेल नदी की सहायक नदी किनारे ले गए। यहां अचानक तेज बारिश हुई तो बुजुर्ग महिला का अंतिम संस्कार तिरपाल के नीचे किया गया। दाह संस्कार पूरा होता इसके पहले नदी में बाढ़ आई और जलती चिता बह गई।
पुतला में है टीनशेड
ग्रामीणों के मुताबिक ग्राम पंचायत पुतला में दाह संस्कार के लिए टीनशेड है, लेकिन ग्राम कटझिरा और पुतला की दूरी 5 किलोमीटर है। ऐसे में बारिश के चलते वहां तक जाना आसान नहीं था। वैसे भी ज्यादा दूरी होने से ग्रामीण कटझिरा नदी के किनारे ही अंतिम संस्कार करते हैं। ग्रामीण और परिजन रमेश छीतर, नन्नू ठाकुर, लखन पूंजा, जीवन मांगीलाल, भाटिया शंकर आदि ने बताया गांव में न तो मुक्तिधाम का निर्माण है और ना ही कोई बाउंड्रीवॉल है। इस घटना के बाद ग्रामीणों में रोष है। ग्रमीणों की मांग है कि कटझिरा में जल्द श्मशान घाट का निर्माण किया जाए।
पोर्टल पर दर्ज, मौके पर नहीं है शांतिधाम
सूत्रों के अनुसार पोर्टल पर चौकाने वाली बातें सामने आई है। जानकारी के अनुसार पोर्टल पर सन् 2011-12 शांतिधाम कम्प्लीट की श्रेणी में दर्शाया गया है। किंतु मौके पर कुछ नहीं है। हकीकत क्या है यह जांच का विषय है।