कसरावद, खरगोन और भगवानपुरा सीट पर 10 हजार से कम अंतर से जीते थे प्रत्याशी
तीन विधानसभा में जितने अंतर से जीते थे उम्मीदवार, उससे ज्यादा 18 से 19 वर्ष के युवा मतदाता बढ़े
-कसरावद, खरगोन और भगवानपुरा सीट पर 10 हजार से कम अंतर से जीते थे प्रत्याशी
खरगोन. विधानसभा चुनाव नजदीक आते आते राजनीतिक पार्टियों ने तैयारियां तेज कर दी है। खास बात यह है कि पिछली बार तीन विधानसभा क्षेत्र से प्रत्याशी जितने वोटों से जीते थे उससे ज्यादा नए मतदाता जुड़े हैं। वर्ष 2018 में हुए चुनाव में तीन सीटों पर जीत का अंतर 10 हजार वोट से कम का था। इनमें कसरावद, खरगोन और भगवानपुरा विधानसभा सीटें शामिल थी। इस चुनाव में युवा मतदाता जीत-हार में महत्वपूर्ण भूमिका में रहेंगे। उल्लेखनीय है कि दोनों ही पार्टियों में युवाओं को साधने के लिए तमाम घोषणाएं की थी। समय-समय पर युवा सम्मेलन और विभिन्न आयोजन भी किए थे। पिछले चुनाव में भी युवा मतदाताओं ने अपने मुद्दों पर मतदान किया था। इसका असर जीत-हार में भी देखने को मिला था। यही वजह इस बार भी राजनीतिक पार्टियां युवाओं को लुभाने में कोर कसर नहीं छोड़ रही है। मंगलवार को कांग्रेस ने घोषणा पत्र जारी करते हुए युवाओं के लिए कई वादे किए हैं।
सबसे कम वोट से जीते थे कसरावद के यादव
विधानसभा चुनाव 2018 में जिले के कसरावद विधानसभा चुनाव में कांग्रेस प्रत्याशी पांच हजार 539 वोट से जीते थे। उन्हें 86 हजार 70 वोट मिले थे। जबकि भाजपा प्रत्याशी आत्माराम पटेल को 80 हजार 531 वोट मिले थे। विधानसभा में 18 से 19 वर्ष 14 हजार 212 मतदाता जुड़े हैं। इसी प्रकार खरगोन विधानसभा सीट पर कांग्रेस के रवि जोशी नौ हजार 512 वोट से जीते थे। उन्हें 88 हजार 208 वोट मिले थे। जबकि भाजपा के बालकृष्ण पाटीदार को 78 हजार 696 वोट मिले थे। विधानसभा में नौ हजार 549 युवा मतदाता जुड़े हैं। इसी प्रकार भगवानपुरा विधानसभा सीट पर निर्दलीय प्रत्याशी केदार डावर नौ हजार 716 वोट से जीते थे। उन्हें 73 हजार 758 वोट मिले थे। जबकि भाजपा के जमनासिंह सोलंकी को 64 हजार 42 वोट मिले थे। इस विधानसभा में 11 हजार 402 युवा मतदाता जुड़े हैं।