
पीएम पर खुद को अपमान करने का लगाया आरोप
कोलकाता
तृणमूल कांग्रेस प्रमुख और मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने गुरुवार को कर्नाटक मामले को संवैधानिक संकट करार देते हुए भाजपा के खिलाफ बहुजन समाज पार्टी प्रमुख मायावती के बयान का समर्थन किया और राष्ट्रपति रामनाथ कोविन्द से इस बारे में मार्गदर्शन करने की अपील की। उन्होंने पश्चिम बंगाल पंचायत चुनाव में हिंसा के संबंध में प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी पर खुद को अपमान और अपनी पार्टी के खिलाफ झूठा प्रचार करने का आरोप लगाया।
ममता बनर्जी ने संवाददाताओं को बताया कि कर्नाटक में भाजपा के संदर्भ में मायावाती ने जो कहा है वह उसका समर्थन करती हैं। हमें अपने संविधान निर्माता डॉ. बाबा साहब भीम राव आंबेडकर का पूरा सम्मान करना चाहिए। लेकिन मायावती ठीक ही कह रही हैं कि सत्ता में आने के लिए भाजपा संविधान का उल्लंघन कर रही है। कर्नाटक के राज्यपाल की भूमिका पर सवाल उठाते हुए ममता बनर्जी ने कहा कि कांग्रेस और पूर्व प्रधानमंत्री एचडी देवेगौड़ा की पार्टी जनता दल (ध) के पास पूर्ण बहुमत होने के बावजूद सरकार बनाने के लिए क्यों उन्हें न्योता दिया। बहुमत नहीं होने के बावजूद राज्यपाल ने भाजपा को सरकार बनाने के लिए क्यों आमंत्रित किया। उन्होंने कहा कि दरअसल यह संवैधानिक संकट है। बाद में भाजपा को इसका जवाब देना होगा। वे बंगाल पंचायत चुनाव नतीजा आने के बाद शाम को राज्य सचिवालय नवान्न में संवाददाताओं से बातचीत कर रही थीं। इससे पहले ट्वीट कर ममता बनर्जी ने कर्नाटक मामले में मायावती का समर्थन किया। उन्होंने कहा कि इस बारे में उन्होंने मायावती और आंध्र प्रदेश के मुख्यमंत्री चन्द्रबाबू नायडू से बातचीत की। इस बारे में वे समाजवादी पार्टी अध्यक्ष अखिलेश यादव से भी बात की हैं।
राष्ट्रपति से करेंगी शिकायत
ममता बनर्जी ने संवैधानिक संकट के बारे में राष्ट्रपति से शिकायत करने की घोषणा की। उन्होंने कहा कि राष्ट्रपति संविधान के रक्षक हैं। इस लिए वे इस संदर्भ में उनसे मार्गदर्शन करने का आग्रह करेंगी। उन्होंने कहा कि कर्नाटक में भाजपा को सरकार बनाने का न्योता दे कर हॉर्स ट्रेडिंग करने का मौका दिया गया है। वे सिर्फ कर्नाटक ही नहीं पूरे देश में खरीद-फरोख्त का विरोध करती है। यह खेल भाजपा खेल रही है। पंचायत चुनाव में भी भाजपा ने धन बल का इस्तेमाल किया है। झारखण्ड और असम के रास्ते से बंगाल में अथाह पैसे आए हैं। बहुत जगह पैसे जब्त भी किए गए। यह बंगाल की संस्कृति नहीं है। इससे देश का संविधान, संस्कृति और राजनीति सबका सर्वनाश होगा।
Published on:
18 May 2018 10:28 pm
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