गौड़ीय मिशन के आचार्य का महाप्रयाण

गौड़ीय मिशन के आचार्य का महाप्रयाण

Vanita Jharkhandi | Publish: Oct, 31 2018 09:34:41 PM (IST) Kolkata, West Bengal, India

- दी गई समाधि

कोलकाता . गौड़ीय मिशन के वर्तमान आचार्य एवं अध्यक्ष श्रीमद् भक्ति सूहृद परिब्राजक गोस्वामी महाराज का मंगलवार की शाम साढ़े छह बजे महाप्रयाण हुआ। हरिनाम संकीर्तन की मधुर ध्वनियों का श्रवण करते हुए उन्होंने गोलोक धाम नित्य लीला (महाप्रयाण) में प्रवेश किया। महाप्रयाण के समय उनकी उम्र 71 वर्ष की थी। वे लगातार 26 वर्षों तक गौड़ीय मिशन के अध्यक्ष एवं आचार्य पद पर सेवारत थे। गौड़ीय मिशन की आचार्य परम्परा में तेरहवें आचार्य थे। उनका जन्म पूर्व मिदनापुर जिले के खागदा गांव में हुआ था। सिटी कॉलेज से स्नातक की डिग्री प्राप्त करने के बाद ही वे 22 वर्ष की उम्र में गौड़ीय मिशन में शामिल हुए। मिशन की आचार्य परम्परा के ग्यारहवें आचार्य श्रीमद्भक्ति केवल औडूलोमी महाराज से वे दीक्षित हुए थे। उनकी दीक्षा का नाम कमलात्र दास ब्रह्मचारी था। ब्रह्मचारी जीवन में लंदन शाखा में 10 सालों तक अध्यक्ष रहे। उनके नेतृत्व में विश्व का पहला श्रीचैतन्य महाप्रभु म्यूजियम निमार्णाधीन है जिसका उद्घाटन शीघ्र ही होगा। बुधवार को गौड़ीय मिशन के नदिया जिले अन्तर्गत प्रमुख शाखा श्रीश्रीमद् भक्ति सिद्धान्त सरस्वती गौड़ीय मठ में समाधि दी गई।

 

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काली पूजा: अमरीका रवाना हुए मुराल भाई

कोलकाता . कालीपूजा और जगद्धात्री पूजा की धूम केवल पश्चिम बंगाल में ही नहीं, बल्कि सात समंदर पार अमरीका में भी मचेगी। वहां पर हर वर्ष पूजा का आयोजन किया जाता है। दक्षिणेश्वर रामकृष्ण संघ आद्यापीठ के महासचिव व ट्रस्टी ब्रह्मचारी मुराल भाई कालीपूजा व जगद्धात्री पूजा कराते हैं। इसके लिए मुराल भाई अमरीका के लिए रवाना हो गए। आद्यापीठ की ओर से मिली जानकारी के अनुसार इस वर्ष मुराल भाई शिकागो शहर में एक मंदिर का भी उद्घाटन करेंगे। वे अपनी अमरीका यात्रा के दौरान वाशिंगटन डीसी, क्लिवलैंड शिकागो, न्यूजर्सी शहर में विश्व शांति व विश्व भातृत्व पर अपने विचार रखेंगे। साथ ही वहां आयोजित कालीपूजा व जगधात्री पूजा में हिस्सा लेंगे। इस वर्ष ब्रह्मचारी मुराल भाई के साथ संघ के सलाहकार पर्षद सदस्य डॉ. रामकृष्ण चालकि भी उनके साथ दौरे पर गए हैं।

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