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ममता बनर्जी के धरने पर पहुंचे 5 MLA और 6 MP: पूर्व CM बोलीं– जिन्हें सहारा दिया वहीं गद्दारों के साथ मिल गए

Kolkata में Mamata Banerjee के धरने में बीजेपी पर धांधली, केंद्र पर भेदभाव और पुलिस पर धमकी के आरोप लगे। सीमित नेताओं की मौजूदगी से संगठन पर सवाल उठे।

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Mamata Banerjee

ममता बनर्जी(फोटो-IANS)

Mamata_Banerjee Protest: पश्चिम बंगाल की पूर्व मुख्यमंत्री, TMC प्रमुख ममता बनर्जी (Mamata Banerjee) एक बार फिर राजनीतिक टकराव के केंद्र में हैं। बीजेपी और केंद्र सरकार पर तीखे आरोपों के बीच उनका धरना सिर्फ विपक्ष पर हमला नहीं रहा, बल्कि पार्टी के भीतर सीमित समर्थन ने भी चर्चा को जन्म दिया है। 201 विधायकों के दावे के मुकाबले सिर्फ 6 सांसद और 5 विधायकों की मौजूदगी ने संगठनात्मक एकता पर सवाल खड़े कर दिए हैं। वहीं ममता ने चुनाव में धांधली, पुलिस पर धमकी और केंद्र सरकार पर भेदभाव जैसे गंभीर आरोप लगाए हैं।

धरने में पहुंचे 5 विधायक और 6 सांसद

कोलकाता में TMC नेताओं के खिलाफ कथित कार्रवाई के विरोध में ममता बनर्जी धरने पर बैठीं। लेकिन इस प्रदर्शन में पार्टी का शीर्ष नेतृत्व पूरी तरह एकजुट नहीं दिखा। केवल 6 सांसद और 5 विधायक ही मौके पर पहुंचे। हालांकि कुछ अन्य दावों में सिर्फ 5 विधायकों की मौजूदगी की बात भी कही गई है। 201 विधायकों की जीत के दावे के बीच इतनी कम उपस्थिति ने पार्टी के भीतर संगठनात्मक कमजोरी की चर्चा को हवा दे दी है।

किन-किन नेताओं ने दिया साथ

धरने में शामिल सांसदों में कल्याण बनर्जी, डोला सेन, डेरेक ओ ब्रायन, माला रॉय, समीरुल इस्लाम और नदीमुल हक मौजूद रहे। वहीं विधायकों में सोवनदेब चटर्जी, अशोक देब, मदन मित्रा, नयना बंदोपाध्याय, फिरहाद हकीम और कुणाल घोष शामिल हुए।

BJP पर चुनाव में धांधली के आरोप

ममता बनर्जी ने बीजेपी पर सीधा हमला बोलते हुए कहा कि बंगाल विधानसभा चुनाव में बड़े पैमाने पर गड़बड़ी हुई। उन्होंने आरोप लगाया कि 294 में से 177 सीटों पर मतगणना के दौरान धांधली की गई और इसी के जरिए चुनाव परिणाम प्रभावित किए गए। उन्होंने यह भी कहा कि चुनाव जीतने के बाद टीएमसी को कमजोर करने की कोशिश लगातार की जा रही है।

जिन्हें सहारा दिया, वे अब गद्दारों के साथ- ममता

ममता बनर्जी ने शुभेंदु अधिकारी की ओर इशारा करते हुए कहा कि जिन लोगों को उन्होंने राजनीतिक रूप से आगे बढ़ाया, वही अब विरोधियों के साथ खड़े हैं। उन्होंने कहा, 'मुझे इस बात का अफसोस है कि जिन लोगों को मैंने जीवन में सहारा दिया, वे अब गद्दार के साथ मिल रहे हैं।'

कार्यकर्ताओं को धमकी देने का आरोप

धरने के दौरान ममता बनर्जी ने पुलिस पर भी गंभीर आरोप लगाए। उन्होंने कहा कि TMC कार्यकर्ताओं को प्रदर्शन में शामिल होने से रोका जा रहा है और उन्हें धमकियां दी जा रही हैं। उन्होंने कहा, 'पुलिस TMC कार्यकर्ताओं को प्रदर्शनों में भाग न लेने की धमकी दे रही है, मैं विरोध प्रदर्शन जारी रखूंगी। पुनर्वास के बिना फेरीवालों को बेदखल करना TMC सरकार की नीति नहीं थी, हमने मानवीय दृष्टिकोण अपनाया, मैं इस कठिन समय में टीएमसी कार्यकर्ताओं को नहीं छोड़ूंगी.'

'PM ने बंगाल को गलत हाथों में छोड़ दिया'

ममता ने केंद्र सरकार पर भी हमला बोला और कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने बंगाल को ऐसे लोगों के हाथों में छोड़ दिया है जो राज्य को नुकसान पहुंचा रहे हैं। उन्होंने कहा, 'मोदी जी ने बंगाल को असामाजिक तत्वों और बेलगाम नेताओं के हाथों में छोड़ दिया है, जो राज्य को अंधकार में धकेल रहे हैं। अगर अन्य पार्टियों को उस स्थान पर राजनीतिक कार्यक्रम आयोजित करने की अनुमति दी जाती है।

जहां हमें विरोध प्रदर्शन करने की अनुमति नहीं दी गई थी, तो TMC अदालत का रुख करेगी। फर्जी हस्ताक्षर विवाद पर उन्होंने कहा, 'विधानसभा अध्यक्ष को अगर TMC विधायकों के हस्ताक्षरों की प्रामाणिकता पर संदेह है, तो उनका फॉरेंसिक परीक्षण कराया जाना चाहिए।'