
इस तरह व्यवस्था बदलकर बंगाल के युवाओं के सपने होंगे साकार
पश्चिम बंगाल के मुख्यमंत्री सुवेंदु अधिकारी ने कमान संभालते ही राज्य में व्यवस्था बदलनी शुरू कर दी है। उन्होंने पूर्ववर्ती तृणमूल कांग्रेस सरकार पर भर्ती घोटाले को लेकर निशाना साधते हुए कहा कि पहले ओएमआर पद्धति से परीक्षाएं तो कराई जाती थीं, लेकिन उम्मीदवारों को उनकी उत्तर पुस्तिका की कार्बन कॉपी नहीं दी जाती थी। उन्होंने कहा कि हर नौकरी अभ्यर्थी के पास ओएमआर शीट की कार्बन कॉपी होनी चाहिए। इन प्रतियों को व्यवस्था के भीतर ही सीमित रखने की संस्कृति के कारण भाई-भतीजावाद और भ्रष्टाचार के आरोप सामने आए। अब इस व्यवस्था को बदला जाएगा। राज्य के युवाओं के सपनों को साकार किया जाएगा। उन्होंने कहा, परीक्षा केंद्र इस कदर बदनाम हो गए कि पूर्व रेलवे, दक्षिण पूर्व रेलवे और पूर्वोत्तर सीमांत रेलवे ने राज्य में अपनी भर्ती परीक्षाएं आयोजित करना बंद कर दिया। उन्होंने कहा कि पश्चिम बंगाल के युवाओं को बिहार, असम और ओडिशा जैसे पड़ोसी राज्यों में जाकर परीक्षाएं देनी पड़ रही हैं।
सुवेंदु अधिकारी ने शनिवार को कहा कि पूर्ववर्ती राज्य सरकार के कार्यकाल में हुए विभिन्न भर्ती घोटालों के कारण राज्य की बदनामी हुई है। राज्य को इस स्थिति से बाहर निकाले जाने की जरूरत है। भर्ती प्रक्रिया में सुधार और नियुक्तियों में पारदर्शिता मजबूत करने के लिए विधानसभा के अगले सत्र में नया कानून लाया जाएगा। अभ्यर्थियों को भर्ती परीक्षाओं में ओएमआर शीट की कार्बन कॉपी मिलेगी। सीएम ने कहा कि पूर्ववर्ती तृणमूल कांग्रेस सरकार के दौरान हुई इन अनियमितताओं के कारण कलकत्ता हाईकोर्ट और सुप्रीम कोर्ट को हस्तक्षेप करना पड़ा। इससे पश्चिम बंगाल की साख को गहरा नुकसान पहुंचा। उन्होंने कहा कि हमें अपने पश्चिम बंगाल को इस स्थिति से बाहर निकालना होगा। सुवेंदु ने केंद्र सरकार द्वारा आयोजित रोजगार मेले में नियुक्ति पत्र वितरित करते हुए कहा कि शिक्षा और बौद्धिकता के उच्च मानकों के लिए पहचाने जाने वाले पश्चिम बंगाल की स्कूल भर्ती और नगर निकाय भर्ती घोटालों के कारण बदनामी हुई है। उन्होंने कहा कि भर्ती प्रक्रिया में सुधार और नियुक्तियों में पारदर्शिता मजबूत करने पर जोर दिया जाएगा।
मुख्यमंत्री ने कहा कि माता-पिता अपने बच्चों के बेहतर करियर के सपने के साथ उन्हें पढ़ाते हैं, लेकिन तृणमूल सरकार के दौरान राज्य सरकार के विभिन्न विभागों में भर्तियों में हुई अनियमितताओं ने उनके सपने चकनाचूर कर दिए। शनिवार को सियालदह स्थित डॉ विधानचंद्र रॉय ऑडिटोरियम में आयोजित रोजगार मेला को संबोधित करते हुए उन्होंने कहा कि भर्ती भ्रष्टाचार और अनियमितताओं से जुड़ी अदालती हस्तक्षेपों के कारण राज्य की छवि को नुकसान पहुंचा है। उन्होंने शिक्षक भर्ती और नगर पालिका भर्ती मामलों का उल्लेख करते हुए कहा कि 26,000 शिक्षकों और गैर-शिक्षण कर्मचारियों की नौकरी रद्द होने से राज्य की प्रतिष्ठा को क्षति हुई।
मुख्यमंत्री ने घोषणा की कि राज्य सरकार ने सरकारी विभागों और राज्य-समर्थित संस्थानों के लिए भर्ती प्रक्रियाओं में सुधारों की योजना बनाना आरंभ किया है। सुवेंदु अधिकारी ने कहा कि राज्य की डबल इंजन सरकार केंद्र के रेलवे और अर्द्धसैन्य दल जैसे भर्ती मॉडल का पालन करेगी। मुख्यमंत्री ने बताया कि सरकार लिखित परीक्षा, शैक्षणिक योग्यता और साक्षात्कार के अंकों के वितरण की भी समीक्षा कर रही है। उन्होंने कहा कि विशेष रूप से साक्षात्कार के अंकों का भार कम करने पर विचार किया जा रहा है, क्योंकि इसी क्षेत्र में पक्षपात के आरोप सबसे अधिक लगे हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि अब सरकार एक विश्वसनीय और पारदर्शी भर्ती प्रणाली स्थापित कर अभ्यर्थियों का भरोसा फिर से कायम करना चाहती है।
Published on:
23 May 2026 04:59 pm
बड़ी खबरें
View Allकोलकाता
पश्चिम बंगाल
ट्रेंडिंग
