सालबोनी/कोलकाता। ममता बनर्जी ने सोमवार को पश्चिम मेदिनीपुर जिले के सालबोनी में जिंदल समूह की एक सीमेंट फैक्ट्री का उद्घाटन करते हुए इसके लिए लिए जमीन छोड़ने वाले लोगों से कंपनी को सुचारू रूप से चलाने के लिए सहयोग करने का आग्रह किया ताकि अधिक निवेश किया जा सके।
ममता ने दिया निवेश का आश्वासन
सीमेंट फैक्ट्री का उद्घाटन करते हुए ममता ने कि हमें बहुत खुशी है कि जिंदल के सीमेंट प्लांट का आज उद्घाटन हुआ। उन्होंने सज्जन जिंदल के बेटे पार्थ की ओर इशारा करते हुए कहा कि आप युवा उद्यमी है।
साथ ही फैक्ट्री के लिए ज़मीन छोड़ने वाले लोगों को धन्यवाद देते हुए कहा कि लोग आपको गुमराह करने की कोशिश कर रहे हैं। आपको यह समझना होगा कि यदि आप उनकी बातों में आते है तो परियोजना बंद हो सकती है। साथ ही ममता ने उनसे सहयोग करने की अपील की और उनसे और भी अधिक उद्योग लगाने का आश्वासन दिया। ममता ने कहा कि हम जितना स्नेह और प्यार से उन्हें करीब लाएंगे, वे उतना अधिक यहाँ निवेश करेंगे।
उद्घाटन के दौरान ममता से पहले बोलते हुए जेएसडब्ल्यू समूह के अध्यक्ष सज्जन जिंदल ने कहा कि भले ही कारखाना शुरू करने में 10 साल लग गए हो लेकिन समूह की इस्पात, बिजली और सौर ऊर्जा संयंत्र स्थापित करने की योजना है। उन्होंने आगे कहा कि भले ही देर से शुरुआत हुई हो लेकिन अच्छी शुरुआत हमेशा बेहतर होती है। इससे यहाँ अधिक रोजगार सृजन होगा। हम सामुदायिक स्वास्थ्य और शिक्षा विकास कार्यक्रम भी शुरू करेंगे।
लोगों से क्यों की सहयोग की अपील ?
एक वरिष्ठ सरकारी अधिकारी ने प्रेस से बात करते हुए बताया कि मुख्यमंत्री ने ग्रामीणों से सहयोग की बात कही थी क्योंकि सालबोनी में जमीन खोने वालों के एक वर्ग ने JSW लैंड लूजर्स वेलफेयर एसोसिएशन की स्थापना की थी और सीमेंट संयंत्र में नौकरियों की मांग को लेकर एक आंदोलन शुरू कर दिया था।
पहले भी वादा कर चूके जिंदल
आपको बता दे कि 2007 में जिंदल समूह ने 10MT स्टील प्लांट और 660MW बिजली संयंत्र लगाने का वादा किया था जबकि समूह के लौह अयस्क लिंकेज को सुरक्षित करने में विफल रहने के बाद इस्पात इकाई नहीं बनी लेकिन बिजली संयंत्र तब ढह गया । तब 2014 में सुप्रीम कोर्ट के एक आदेश ने 1993 के बाद से 214 कोयला ब्लॉक आवंटन को रद्द कर दिया।
जेएसडब्ल्यू का अभी भी सालबोनी में 4,294 एकड़ से अधिक भूमि पर मालिकाना हक़ है।
उद्घाटन के साथ आरक्षण
ममता ने सोमवार को यह भी घोषणा की कि पुलिस और स्कूल शिक्षक भर्ती में उन लोगों के लिए 10 प्रतिशत आरक्षण होगा जो नागरिक स्वयंसेवक और पैरा-शिक्षक के रूप में काम कर रहे थे।