
मूर्तियों में जान भर देतीं हैं मीना
Artist Meena Dewangan: वैसे तो इलाके में प्रतिभाओं की कोई कमी नहीं है, लेकिन इन प्रतिभाओं की परख शायद शासन-प्रशासन को अब तक नहीं हो पाई है जिसके चलते ऐसे नायाब कलाकार व प्रतिभावान युवाओं को बेहतर मौका नहीं मिल पा रहा है। ऐसी ही एक कलाकार जो जिला मुख्यालय के सरगीपाल निवासी मीना देवागन(Artist Meena Dewangan) जो अपनी कला व हुनर से मूर्तियों में जानभर देती है।
हालांकि मीना(Artist Meena Dewangan) की पहचान इलाके में एक कलाकार के रुप मे भले ही ना हो, लेकिन यह विदेशों में काफी चर्चित हो चुकी है। यही वजह है कि, इनके बायार जितने देश में है उससे कहीं ज्यादा विदेशों में और इनके पास मूर्तियों व पेंटिंग्स की डिमांड बड़ी संख्या में विदेश से ही मिलते हैं।
सरगीपारा निवासी मीना देवांगन(Meena Dewangan) कॉपी के पन्नों पर पेंटिग करते-करते बस्तर की पहली ऐसी महिला आर्टिस्ट बन गई हैं, जो मूर्तिकला में सिद्धहस्त हैं। मीना के बनाए 8 से 15 फीट के स्टेच्यू देश के विभिन्न शहरों में स्थापित हो चुके हैं। उनकी मूर्तियां(paintings and sculptures) विदेशों में भी जाती हैं। फाइन आर्ट की डिग्री के बाद मीना ने मुंबई और नागपुर की आर्ट गैलेरी में भी काम किया। इसके बाद मीना ने लोगों के ऑर्डर पर मूर्ति बनाने का काम शुरू किया।
वो कहती है कि, कापी के पन्नो व स्कूल की दीवारो पर पेंटिग करते-करते कब इस कला में सिद्धहस्त हो गई कि उसे पता ही नही चला। लेकिन फिर भी अपनी इस कला को और बेहतर करने के लिए समय के उन्होंने फाइन आर्ट की डिग्री हासिल कर ली और अब पूरे संभाग की वह पहली ऐसी महिला बन गई जो इंडियन करमपेरी की आर्टिस्ट्स(Artists of Indian Karamperi) है जो पेंटिंग के साथ ही मूर्तिकला में भी सिद्धहस्त है। इनके बनाये गए 8 से 15 फिट के कई स्टेच्यू देश के विभिन्न शहरों में स्थापित हो चुके हैं। वही मीना की पेंटिंग के देश ही नही बल्कि विदेशों में भी चाहने वाले है।
वह बताती है कि, अमेरिका जर्मनी व लंदन में कई उनके आठ बायर है जो उन्हें ऑर्डर देकर पेंटिंग(paintings and sculptures) बनवाते हैं। उन्होंने बताया कि, जब वैश्विक महामारी कोरोना के दौरान भी उसके पास कई ऑर्डर थे। जिससे वह बड़ी आसानी से घर पर रहकर काम करती रही। और इस पेंडेमिक के दौरान उनकी कला उन्हें रोजगार देती रही।
महिलाओं और युवाओं को जोड़ा
मीना (Meena Dewangan)जब स्कूल में पढ़ती थीं तो उस समय महिलाओं के लिए काम करने वाली एक सामाजिक संस्था ने उनकी बनाई पेंटिंग को देखा। फिर उन्हें अपने काम के लिए महिलाओं के पोस्टर डिजाइन करने का काम दिया। इस तरह स्कूल की पढ़ाई करते हुए ही वह रोजगार करने लगीं। अब वह बड़े स्तर पर काम कर रही हैं। इस काम से मीना ने कई महिलाओं और युवाओं को रोजगार दिया है।
यूएस और यूरोप से भी आते हैं ऑर्डर
वह बताती हैं कि यूएस और यूरोप से भी ऑर्डर आते हैं। कई ऐसे क्लाइंट हैं, जो ऑर्डर देकर पेंटिंग्स और मूर्तियां
(paintings and sculptures) बनवाते हैं। लॉकडाउन के दौरान भी उनके पास कई ऑर्डर आए थे, जिसे उन्होंने घर पर रहकर ही पूरा किया।
Published on:
05 Feb 2023 12:31 pm

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