Farmer leader Rakesh Tikait: कोंडागांव पहुंचे किसान नेता राकेश टिकैत ने गुरुसिंह सभा के सदस्यों से चर्चा की। इस चर्चा के दौरान उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ में किसानों को जो बोनस दिया जा रहा है, वह देशभर में कहीं भी नहीं मिल रहा है।
Farmer leader Rakesh Tikait: किसान नेता राकेश टिकैत 15 फरवरी यानि बुधवार को कोंडागांव के अल्प प्रवास पर आए। इस दौरान किसान नेता राकेश टिकैत(Farmer leader Rakesh Tikait) ने कहा कि पूरी दुनिया पर्यावरण को लेकर चिंता में डूबी हुई है। इधर, बस्तर में अंधाधुंध जंगल में पेड़ काटे जा रहे हैं। ऐसे में जंगल बचाने के लिए हम सभी को एकजुट होकर कोशिश करनी होगी। इसके बाद ही हम खुली हवा में सांस ले पाएंगे। जंगल बचाने के लिए सख्त कानून की भी आवश्यकता है।
कोंडागांव पहुंचे राकेश टिकैत (Farmer leader Rakesh Tikait)ने आगे कहा कि छत्तीसगढ़ में कुछ चीजों पर अच्छे से काम किया जा रहा है। यहाँ छत्तीसगढ़ में 2500 रुपये से ज्यादा का बोनस किसानों को दिया जा है। वहीँ, यहां कोल माइंस का मुद्दा भी बढ़ा है। छत्तीसगढ़ में जहां कोल माइन्स है, लोगों को वहां से हटा दिया जा रहा है।
जड़ी-बूटियां के लिए समर्थन मूल्य
कोंडागांव प्रवास पर पहुंचे टिकैत(Farmer leader Rakesh Tikait) ने कहा कि कोल माइंस के लिए ग्रामीणों को गांव से हटा दिया जा रहा है। लेकिन आखिर ये ग्रामीण जाएंगे कहां। छत्तीसगढ़ में बहुत सारी खनन सम्पदा है। मगर इसका पूरा लाभ नहीं मिल पा रहा है। ऐसे में यह एक बहुत ही बड़ी समस्या है। बस्तर के आदिवासियों के लिए जड़ी-बूटियां के लिए समर्थन मूल्य निर्धारित होनी चाहिए।
कहा- छत्तीसगढ़ जैसा बोनस कहीं नहीं
कोंडागांव पहुंचे किसान नेता राकेश टिकैत(Farmer leader Rakesh Tikait) ने गुरुसिंह सभा के सदस्यों से चर्चा की। इस चर्चा के दौरान उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ में किसानों को जो बोनस दिया जा रहा है, वह देशभर में कहीं भी नहीं मिल रहा है।
गुरुसिंह सभा के सदस्यों से चर्चा के दौरान ज्ञानी इकबाल सिंह पुष्दीन्दर सिंह आनंद, त्रिलोलन सिंह वारने, गुरूमीत सिंह जोहल, रिम्पी साहनी, अमरपान सिंह आंनद, हरप्रीत सिंह, हरभजन सिंह गुजर, रंजीत सिंह, मंजीत सिंह मनोसा, जितेन्द्र सिंह कवि, अमरवीर सिंह आनंद, जगप्रीत सिंह बारने, रिंकुत अजमानी आदि उपस्थित थे।