
भंगाराम मांई का फूल मेला विधि-विधान पूर्वक संपन्न हुआ।
Bhangaram Mai: अब इलाके में मड़ई मेले का दौर शुरू हो जाएगा, जिसकी शुरूआत शनिवार को केशकाल अंचल की ईष्टदेवी भंगाराम मांई का फूल मेला(Fair) विधि-विधान के संपन्न हुआ। मंदिर परिसर के आसपास सुबह से ही लोगों का आना-जान शुरू हो गया था वहीं आसपास के आंमत्रित देवी-देवता भी दोपहर से पहले मंदिर परिसर में पहुंच गए जहॉ मेल-मिलाप के बाद मेले की रस्म शुरू हुई। ऐसी मान्यता है कि, यहॉ फूल मेला होने के बाद ही इलाके में मेला-मंड़ई(Fair) की शुरूआत होती है।
इस मेला में शामिल होने दूर-दूर से लोग आते है और मेले(Fair) का आंनद लेने के साथ ही यहॉ पहुंचे देवी-देवताओं से आर्शीवाद लेते है। आपको बता दे कि, यही पर साल में एक दफे होने वाले जात्रा के दौरान इलाके के देवी-देवताओं की पेशी होती है जहॉ उनके सालभर के कार्यो के आधार पर उन्हें सजा आदि की जाती है। रामविलास नेगी ने बताया कि, फूलमेला के बाद ही मेले(Fair) की शुरूआत होती है, लोग जहॉ मेले(Fair) का आनंद लेते है वहीं देवी-देवताओं से आशीष लेकर खुशी-खुशी अपने घरों को जाते है।
कांकेर मेला
आज यानि रविवार को 8 जनवरी को कांकेर मेला(Kankler Fair) आयोजित की गई है। बता दें कि मड़ई-मेले का उत्सव रियासतकाल से प्रारंभ हुआ था। अंचल में आज भी बड़े धूमधाम से मेला मनाया जाता है। कांकेर का मेला(Kankler Fair) रियासतकाल से चला आ रहा है। क्षेत्र का यह बहुत बड़ा मेला होता है। इस मेले में दूर दराज से लोग पहुंचते हैं। व्यापारियों के साथ-साथ ग्रामीण भी मेले(Kankler Fair) पहुंचते हैं। देवी देवता मेले के शांतिपूर्ण ढंग से संपन्ना होने के लिए मेले का परिक्रमा करते हैं। जिससे कोई अप्रिय घटना घटित न हो और देवी-देवताओं की कृपा बनी रहे।
Published on:
08 Jan 2023 01:05 pm

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