सभी 702 गांवों का बन रहा एक्शन प्लान, सर्वे का काम अंतिम चरण में

जिला खनिज न्यास मद के तहत हर गांव का पांच साल के लिए बनाया जा रहा विकास का प्लान

By: Shiv Singh

Published: 24 May 2018, 12:14 AM IST

कोरबा . जिले के ७०२ गांवों के एक्शन प्लान बनाने का काम शुरू हो चुका है। कटघोरा में सर्वे लगभग पूरा हो चुका है। वहीं कोरबा व पाली में सर्वे 80 फीसदी हो चुका है। दो से तीन माह मेंं सर्वे पूरा करने के बाद हर गांव की रिपोर्ट तैयार हो जाएगी। जिससे हर गांव की जरूरत के आधार पर वहां काम कराया जा सकेगा।
जिला खनिज न्यास फंड के अन्तर्गत आने वाले पांच साल में किस गांव में किस जरूरत पर कितना खर्च होना है, इसके लिए प्रशासन द्वारा सर्वे कराया जा रहा है। 392 ग्राम पंचायत के अन्तर्गत 702 गांव का एक्शन प्लान बनाने का काम शुरू हो चुका है। प्रशासन ने देश की नामी कंपनियों से इसके लिए आवेदन मंगाया था। जो तीन महीने तक प्रत्येक गांव के हर व्यक्ति तक पहुंचकर गांव वार एक्शन प्लान बनाकर प्रशासन को सौंपेगी। फिर प्रशासन उन कार्यों की जरूरत के हिसाब से आगामी पांच साल के लिए हर गांव को राशि उपलब्ध कराएगा। प्रशासन को सारडा, युवा और एक अन्य कंपनी के आवेदन मिले थे। इसके लिए प्रशासन द्वारा अलग-अलग कैटेगिरी बनाई गई थी। बाद में सारडा कंपनी को इसके लिए काम दिया गया। कंपनी द्वारा सबसे पहले कटघोरा ब्लॉक में सर्वे शुरू किया गया था, जहां काम पूरा हो चुका है। वर्तमान में कोरबा व पाली में 80 फीसदी सर्वे का काम हो चुका है। इसके पूरा होने के बाद करतला व पोड़ीउपरोड़ा के गांव का सर्वे शुरू होगा। अगस्त तक कंपनी को अपनी रिपोर्ट प्रशासन को सौंपनी है।
खनिज न्यास नियम 2015 को ही भूल गया प्रशासन
जिला खनिज न्यास नियम 2015 के अन्तर्गत स्पष्ट प्रावधान है कि पंचवर्षीय कार्ययोजना बनाने के लिए अनुभवी किसी गैर सरकारी संस्थान से सर्वे कराए जाएं। सर्वे के आधार पर एक्शन प्लान बनाए जाएं। इस प्लान के आधार पर ही काम कराये जाएं। लेकिन 2015 में जब भारी-भरकम राशि प्रशासन के खाते में आई, तब अफसर सर्वे कराना मुनासिब नहीं समझे। विभाग वार कार्य के प्रस्ताव मंगाए गए।

सर्वे में सिर्फ गांव होंगे शामिल, शहर का एक्शन प्लान नहीं
प्रशासन द्वारा जो सर्वे कराया जाएगा उसमें सिर्फ गांव ही शामिल हैं। ७०० गांव का सर्वे कराया जाएगा। लेकिन प्रशासन कोरबा शहर, उपनगरीय क्षेत्र दीपका, कुसमुंडा, बांकीमोंगरा, कटघोरा, छुरी सहित अन्य नगरी क्षेत्र को इसमें शामिल नहीं कर रहा है, जबकि खनन प्रभावित क्षेत्र में पहले प्रशासन ने प्रत्यक्ष खनन प्रभावित क्षेत्र २०२ गांवों को माना था, बाद में संपूर्ण जिले को प्रभावित माना गया।
फिर नहीं चलेगी सरपंच-सचिव की मनमर्जी, हर काम रिपोर्ट में
कंपनी द्वारा सर्वे पूरी तरह से जीपीएस सिस्टम के आधार पर किया जा रहा है। सर्वे में उस गांव में अब तक कौन-कौन से काम हुए। गांव में तालाब-हैंडपंप, शौचालय, सड़क, पेयजल, स्कूलों की व्यवस्था देखी जाएगी। वहीं गांव की जनसंख्या के हिसाब से कौन-कौन से कार्यों की जरूरत है उसकी अलग सूची बनेगी। भविष्य में गांव में जो भी काम होगा वह इसके आधार पर ही स्वीकृति होगी।
-आगामी पांच साल के लिए जिले के सभी ७०० गांव की कार्ययोजना बनाई जा रही है। कंपनी ने कटघोरा में सर्वे पूरा कर लिया है। अन्य जगहों पर काम चल रहा है। बहुत जल्द रिपोर्ट मिल जाएगी। उसके आधार पर ही काम स्वीकृत कराएं जाएंगे। श्रीकांत दुबे, प्रभारी अधिकारी, खनिज संस्थान न्यास कोरबा

Shiv Singh Desk
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