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सहकारी समिति के पास नहीं है अपना भवन, उधार के कमरे में हो रहा प्रबंधन

जर्जर प्राथमिक शाला के भवन में रखा जाता है किसानों का धान
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कोरबा

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Shiv Singh

•

Updated: 27 Sep 2018, 7:32 PM IST

जर्जर प्राथमिक शाला के भवन में रखा जाता है किसानों का धान

जर्जर प्राथमिक शाला के भवन में रखा जाता है किसानों का धान

चैतमा. सहकारी समिति के प्रबंधकीय कार्य भवन नहीं है। अधिकारी व कर्मचारी आदिवासी विकास विभाग के कार्यालय में संचालन किया जा रहा है। समिति द्वारा खरीदी गइ धान को बचाने के लिए तिरपाल ढंक दिया जाता है, लेकिन अधिकारी अनदेखा कर रहे हैं।

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पाली विकास खंड अंतर्गत ग्राम पंचायत चैतमा में सेवा सहकारी समिति संचालित है। हर साल करीब छ: सौ किसानों को पंजीयन किया जाता है। किसानों को लगभग एक करोड़ से अधिक के खाद बीच का वितरण की जाती है। साथ ह 14 हजार क्विंटल धान की खरीदी होती है। लेकिन समिति के भवन तक नहीं है।

खुले आसमान के नीचे धान को रख दिया जाता है। खरीदी गई धान को प्राथमिक शाला के जर्जर भवन में रखा जाता है। बारिश होने पर धान के ऊपर किसी तरह तिरपाल डालकर बचाव करने की कोशिश की जाती है। जिससे धान खराब हो जाती है। अधिकारियों की समिति की स्थिति की जानकारी होने के बावजूद अनदेखा किया जा रहा है।

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चार साल पहले डह गया था भवन
सहकारी समिति के कार्यालय का भवन चार से पांच साल पहले डह गया था। वर्तमान में कार्यालय का संचालन आदिम जाति कल्याण विभाग के निर्मित कमरे में किया जा रहा है।


-इसकी जानकारी उच्चतम अधिकारी को बताया गया है। कागजी कार्रवाई भी की गई है, लेकिन कोई समाधान नहीं किया गया है।
-केके दुबे, प्रभारी प्रबंधक

-गोदाम का निर्माण अविलंब कराया जाना चाहिए। किसानों के धान को सुरक्षित स्थान पर रखा जा सके। कार्यालयीन कार्य भी समुचित ढंग से हो सके।
-बिपति बाई, सरपंच

-जिला पंचायत के अध्यक्ष एवं डीईओ को साल पहले समस्या से अवगत कराया गया था। लेकिन कोई कार्रवाई नहीं हुई।
-जेवनाश सिंह पैंकरा, अध्यक्ष सेवा सहकारी समिति