
आदेश के बाद भी अब तक कोयला खदान में काम करने वाले ठेका कर्मियों को नहीं मिला बोनस, मायूसी
कोरबा. कोयला खदानों में नियमित कर्मचारियों के साथ कंधे से कंधे मिलाकर काम करने वाले ठेका मजदूरों को अभी तक बोनस का भुगतान नहीं हुआ है। इससे मजदूरों में नाराजगी है। पिछले माह दिल्ली की बैठक में ठेका मजदूरों को भी कुल वेतन का ८.३३ फीसदी हिस्सा बोनस के तौर पर बांटने का निर्णय लिया गया था। कोल इंडिया ने इसके लिए आदेश भी जारी किया था, लेकिन अभी तक बोनस का भुगतान नहीं हो सका है। राशि कब तक मिलेगी? इस पर प्रबंधन की ओर से कोई बोलने को तैयार नहीं है।
एसईसीएल की मानिकपुर खदान में एक निजी कंपनी के अधीन ड्रील ऑपरेटर का काम करने वाले ठेका श्रमिक ने अभीतक बोनस राशि नहीं मिलने की बात कही। उसने बताया कि हफ्तेभर पहले कंपनी के कर्मचारियों ने हड़ताल किया था। प्रबंधन के साथ बोनस पर भी चर्चाहुई थी, लेकिन अभीतक बोनस राशि का भुगतान नहीं हुआ है। कोरबा एरिया के अलावा, दीपका, गेवरा और कुसमुंडा में भी ठेका कर्मचारियों को बोनस का इंतजार है।
माइनिंग से सभी ठेका मजदूरों को मिलनी है राशि
इधर, श्रमिक संगठनों का कहना है कि कोयला खदान में उत्खनन व परिवहन से जुड़े सभी ठेका कामगारों को बोनस का भुगतान करने पर दिल्ली में आयोजित स्टैंडराइजेशन कमेटी की बैठक में सहमति बनी थी।
अफसर उदासीन
ठेका कामगारों को बोनस भुगतान नहीं होने का बड़ा कारण अफसरों की उदासिनता बताई जा रही है। अफसर की रुचि बोनस बांटने में नहीं है।
-निर्णय के बाद भी अभीतक ठेका मजदूरों को बोनस का भुगतान नहीं हुआ है। बोनस राशि का भुगतान करना नियोक्ता का दायित्व है। ठेका मजदूरों को भी हक के लिए एकजुट होना पड़ेगा। वीएम मनोहर, श्रमिक नेता, सीटू
-स्टैंडराइजेशन कमेटी की बैठक में ठेका मजदूरों को वेतन का ८.३३ फीसदी बोनस देने पर सहमति बनी थी। अभीतक बोनस का भुगतान नहीं हुआ है। लक्ष्मण चंद्रा, श्रमिक नेता, बीएमएस
Updated on:
18 Oct 2018 11:32 am
Published on:
18 Oct 2018 11:32 am
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