कोरबा. शोकाकुल हथिनी ३० घंटे बाद अपने बेटे के शव के पास से उठी। जाने से पहले एक घंटे तक खड़े होकर शव को निहारती रही। भीड़ को देखकर हथिनी जा नहीं रही थी। उसे डर था कि उसके बेटे को कोई वहां से ले जाएगा। इसलिए वन विभाग ने कुछ देर के लिए पूरी जगह को खाली करा दिया। इसके बाद हथिनी वहां से जंगल की ओर लौट गई।
मादा हाथी के जाने के बाद अब वन विभाग मृत हाथी के शव के पीएम की तैयारी शुरू कर दी है। गौरतलब है कि बुधवार की सुबह दोनों हाथी बेला की तरफ आ रहे थे। खेत से गुजरे विद्युत प्रवाहित तार की चपेट में आने से आठ वर्षीय नर हाथी की मौत हो गई थी। नर हाथी की मौत के बाद मादा हाथी बुधवार को दिनभर उसके शव के पास डटी रही, जो भी पास आया उसे चिंघाड़ मारकर भगाया। कुछ देर के लिए हाथी पानी पीने के लिए नाले के करीब गई। उसके बाद फिर आ गई। रात भर वह वहीं डटी रही। स्थिति को देखते हुए वन विभाग ने रात को सुरक्षा व्यवस्था बढ़ा दी थी। ग्रामीणों को सुरक्षित जगह पर शिफ्ट कर दिया गया था। सुबह लगभग सवा दस बजे मादा हाथी उस जगह से वापस लौटी। उसके बाद अब जाकर पीएम कराने के लिए वेटनरी डॉक्टर की टीम बुलाई गई है। दोपहर तक पीएम के बाद उसके अंतिम संस्कार करने की तैयारी की जा रही है।
मादा हाथी के पीछे लगाई गई दो टीम
इधर ऐसी स्थिति में मादा हाथी और भी आक्रमक हो सकती है। किसी भी गांव में घुसकर हमला कर सकती है। बताया जा रहा है कि वह एक दिन से भूखी है। ऐसे में संभावना जताई जा रही है कि धान खाने के लिए कहीं भी हमला कर सकती है। लिहाजा वन विभाग की दो टीम उस पर नजर रखी हुई है।