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खड़ी डंपर से जा भिड़ी तेज रफ्तार डंपर, चालक की केबिन में फंसकर दर्दनाक मौत

- रास्ते से गुजर रहे वाहन चालकों ने घटना की जानकारी कंपनी के लोगों को दी।
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कोरबा

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Shiv Singh

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Updated: 23 Aug 2018, 7:03 PM IST

खड़ी डंपर से जा भिड़ी तेज रफ्तार डंपर, चालक की केबिन में फंसकर दर्दनाक मौत

खड़ी डंपर से जा भिड़ी तेज रफ्तार डंपर, चालक की केबिन में फंसकर दर्दनाक मौत

कोरबा. एसईसीएल के कुसमुंडा प्रोजेक्ट में सर्तकता चौक के पास खड़ी डंपर से दूसरी डंपर टकरा गई। एक डंपर का चालक गाड़ी की केबिन में फंस गया। करीब ढाई घंटे की मशक्कत के बाद गाड़ी की केबिन से बाहर निकाला गया। उसे कुसमुंडा अस्पताल पहुंचाया गया। परीक्षण कर डॉक्टर ने मृत घोषित कर दिया।

दुर्घटना बुधवार रात करीब ढाई से तीन बजे के बीच की बताई जा रही है। सिद्धि विनायक कंपनी का ड्राइवर विजय राम भगत स्टॉक में कोयला डंंप कर गाड़ी लेकर दोबारा कोयला लेने खदान जा रहा था। खदान क्षेत्र में सर्तकता चौक के पास सड़क पर एक डंपर पहले से खड़ी थी। इसे विजय देख नहीं सका। विजय की डंपर खड़ी डंपर से पीछे से टकरा गई।

घटना इतना भयावह था कि केबिन बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गया। विजय गाड़ी की केबिन में दब गया। रास्ते से गुजर रहे वाहन चालकों ने घटना की जानकारी अन्य कंपनी के लोगों को दी। खदान में हादसे की सूचना मिलते ही ठेका कंपनी के ड्राइवर सहित अन्य स्टॉफ घटना स्थल पर पहुंचे। अस्पताल में भी विजय के साथी बड़ी संख्या में पहुंचे थे। घटना की सूचना पर पुलिस ने मर्ग कायम किया है।

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घटना से कंपनी के सुपरवाइजर और एसईसीएल के अफसरों को अवगत कराया गया। केबिन में फंसे ड्राइवर को बाहर निकालने की कोशिश की गई, लेकिन सफलता नहीं मिली। विजय को बाहर निकालने के लिए जैक मंगाया गया। करीब दो ढाई घंटे की मशक्कत के बाद विजय को बाहर निकाला गया। तब तक उसकी सांस उखडऩे लगी थी। गुरुवार सुबह करीब ४.३० बजे विजय को कुसमुंडा के विभागीय अस्पताल पहुंचाया गया।

परीक्षण के बाद डॉक्टर ने विजय को मृत घोषित कर दिया। विजय जशपुर जिले का मूल निवासी था। एसईसीएल के कुसमुंडा प्रोजेक्ट में ठेके पर नियोजित कंपनी सिद्धि विनायक के अधीन ड्राइवरी करता था। ठेका कंपनी की गाडिय़ां कुसमुंडा खदान से कोयला लेकर स्टॉक तक आती जाती हैं।

बेकाबू रफ्तार बना कारण
पुलिस को आशंका है कि घटना गाड़ी की बेकाबू रफ्तार से हुई। सर्तकता चौक पर एक डंपर ब्रेक डाउन होने से खड़ी थी। इसे विजय देख नहीं सका। उसने खड़ी डंपर को पीछे से ठोकर मारा। इसमें डंपर का केबिन चिपक गया। सिर और सीने में गंभीर चोट लगने से विजय की मौत हो गई।